आचार संहिता उल्लंघन मामले में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश यादव बरी

Published at :18 Apr 2026 7:35 PM (IST)
विज्ञापन
आचार संहिता उल्लंघन मामले में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश यादव बरी

2019 के एक मामले में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रसाद यादव को गोड्डा की अदालत ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से बरी कर दिया है। मामला गोड्डा टाउन थाना क्षेत्र का था, जिसमें गोड्डा-पिरपैंती एनएच-133 पर राहुल गांधी व बजरंगी यादव के बैनर पर महारैली के लिए मार्च का नारा लिखे जाने को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया था। दिनेश यादव ने खुद अपने केस की पैरवी की और अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें दोषमुक्त कर दिया। फैसले पर उन्होंने संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए खुशी व्यक्त की। इस मौके पर उनके अनेक समर्थक और अधिवक्ताओं की टीम मौजूद थी।

विज्ञापन

कोर्ट प्रतिनिधि, गोड्डा

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और सार्वजनिक संपत्ति विरूपण से जुड़े वर्ष 2019 के एक मामले में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष सह वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रसाद यादव को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंदन कुमार की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें सभी आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया. जानकारी के अनुसार यह मामला गोड्डा टाउन थाना क्षेत्र (कांड संख्या 52/19) से संबंधित है. घटना के अनुसार गोड्डा-पिरपैंती एनएच-133 पर दुमुही चौक के समीप एक सीमेंट के पोल पर बैनर लगाया गया था, जिसपर कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश महासचिव बजरंगी यादव की तस्वीर अंकित थी. बैनर पर महारैली के लिए 13 फरवरी को देवघर चलने का नारा लिखा था. प्रशासन ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए जब्त किया था और धारा 188, 427 एवं आरपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. फैसले के बाद दिनेश प्रसाद यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा आज सत्य की जीत हुई है. मुझे अपने देश के संविधान और न्यायपालिका पर शुरू से ही पूरा भरोसा था. इस मौके पर अकबर अली, सूचित यादव, रामदेव यादव, कन्हाई सोरेन और राकेश रोशन सहित कई समर्थक उपस्थित थे और उन्होंने एक-दूसरे को बधाई दी.

बतौर अधिवक्ता खुद की केस की पैरवी

इस केस की खास बात यह रही कि पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद यादव ने बतौर अधिवक्ता स्वयं अपने केस की पैरवी की. न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आरोपित के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं, जिसके आधार पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया. इस दौरान अदालत परिसर में अधिवक्ताओं की भारी टीम मौजूद रही, जिनमें पंकज कुमार मंडल, कुंदन कुमार ठाकुर, राजीव मिश्रा, विनय ठाकुर, बादल प्रसाद चौधरी, प्रकाश यादव, महेश कांत यादव, मंटू रक्षित, शिवम कुमार, धर्म कांत और कपिल देव मंडल प्रमुख थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola