परिसदन में जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने की प्रेसवार्ता
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Nov 2016 6:55 AM (IST)
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मध्यप्रदेश एनकांउटर मामले में सरकार को न्यायिक जांच करा देनी चाहिए सरकार को जल-जंगल-जमीन व किसान से नहीं बल्कि काॅरपोरेट तथा उद्यमियों से मतलब जमीन की दर ज्यादा से कम कैसे, जांच का विषय सरकार जमीन को एक्ट के तहत खरीदने से बेहतर 30 साल का लीज तैयार करे गोड्डा : सीमी आंतकी के एनकाउंटर […]
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मध्यप्रदेश एनकांउटर मामले में सरकार को न्यायिक जांच करा देनी चाहिए
सरकार को जल-जंगल-जमीन व किसान से नहीं बल्कि काॅरपोरेट तथा उद्यमियों से मतलब
जमीन की दर ज्यादा से कम कैसे, जांच का विषय
सरकार जमीन को एक्ट के तहत खरीदने से बेहतर 30 साल का लीज तैयार करे
गोड्डा : सीमी आंतकी के एनकाउंटर मामले में मध्य प्रदेश सरकार को न्यायिक जांच के आदेश देनी चाहिए. इससे सरकार की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और तरह-तरह के उठ रहे सवाल पर विराम लगेगा. यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने स्थानीय परिसदन में पत्रकार सम्मेलन में कही.
श्री मरांडी ने कहा कि पिछले दिनों ऊर्जा नीति में बादलाव व अडाणी के साथ फेज टू के एमओयू को लेकर राज्यपाल से मिले हैं. सरकार के उद्यमियों को लाभ देने वाले निर्णय को वापस लेने की मांग की है. सरकार के इस समझौते से 2000 करोड़ का सलाना घाटा होगा.
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर व आम किसानों पर नही है. सरकार केवल उद्योगपतियों के लिये सोचती है. सरकार की एक पाॅलिसी होनी चाहिए, जो नहीं है.
श्री मरांडी ने कहा कि 2012 में गोड्डा की मीन की कीमत 40 लाख प्रति हेेक्टेयर यानि 2013 के अधिग्रहण नियम के मुताबिक चार गुना करीब डेढ़ करोड़ होता, लेकिन किसने जमीन की कीमत प्रति एकड़ 13 लाख किया है, यह जांच का मामला है. इसका विरोध करने पर केबिनेट ने डिसीजन कर जमीन के पांच प्रकार में विभाजित किया. इसमें सबसे अव्वल का दर 13 लाख निर्धारण किया गया. सरकार ने इस बात का भी अड़चन लगा दिया है कि जमीन की कीमत आज से सौ साल पहले के 1911 के अनुसार ही देय हो.
सरकार को लीज पर लेनी चाहिए जमीन
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि संताल परगना में जमीन की गिक्री नहीं है. सरकार को रैयतों से जमीन तीस साल के लिए लीज पर लेनी चाहिये. इसके लिये सरकार भूस्वामी को सलामी के रूप में जमीन दे. हर दस साल में दर तय करे. ऐसा नहीं करने पर यहां के रैयताें की हालत भी डबर ग्राम की तरह होगा. इस अवसर पर पोड़ैयाहसट विधायक प्रदीप यादव मौजूद थे.
पत्रकार वार्ता में जानकारी देते बाबूलाल मरांडी व प्रदीप यादव.
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