Giridih News :बचाव कार्य शुरू होने में विलंब होते देख भड़के लोग, बड़ा चौक पर चारों ओर से जाम की सड़क

Giridih News :गिरिडीह शहर के गांधी चौक स्थित होटल अशोका इंटरनेशनल के पास शनिवार शाम खुले नाले में गिरे दो वर्षीय मासूम अंकित कुमार की तलाश का काम देर रात तक चला. भारी बारिश और अंधेरे के चलते बचाव कार्य रोकना पड़ा. अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से अभियान रविवार सुबह दोबारा शुरू करने की बात कही और अभियान रोक दिया गया. रविवार को सुबह करीब सात बजे तक बचाव कार्य शुरू नहीं होने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
गिरिडीह शहर के गांधी चौक स्थित होटल अशोका इंटरनेशनल के पास शनिवार शाम खुले नाले में गिरे दो वर्षीय मासूम अंकित कुमार की तलाश का काम देर रात तक चला. भारी बारिश और अंधेरे के चलते बचाव कार्य रोकना पड़ा. अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से अभियान रविवार सुबह दोबारा शुरू करने की बात कही और अभियान रोक दिया गया. रविवार को सुबह करीब सात बजे तक बचाव कार्य शुरू नहीं होने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने शहर के बड़ा चौक पर चारों ओर से सड़क जाम कर दी. देखते ही देखते चारों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं. यात्री और राहगीर जाम में फंसकर परेशान हो उठे. शहर की सड़कें लगभग ठप हो गयीं और माहौल तनावपूर्ण हो गया. जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग बचाव कार्य शुरू करने की अपनी मांगों पर अड़े रहे.
नगर निगम के अधिकारियों पर गुस्से में थे लोग
आंदोलन कर रहे स्थानीय लोगों का कहना था कि नगर निगम की लापरवाही और खुले नाले की वजह से इस तरह की घटना हुई. जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता है, वे सड़क से नहीं हटेंगे. करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद अंततः सदर एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने लोगों को आश्वस्त किया कि खोज अभियान में तेजी लायी जायेगी और नगर निगम से अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे. इसके बाद लोग सड़क से हटे और बचाव अभियान दोबारा शुरू किया गया.
उपायुक्त के पहुंचते ही शव मिलने की जानकारी आयी
जाम और जनता के आक्रोश की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को राहत कार्य में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सुबह से ही मौके पर डटे रहे और पूरी स्थिति पर नजर बनाये थे. नगर निगम की ओर से सुपर शकर मशीन मंगायी गयी और घंटों नाले की सफाई व पानी की निकासी की गयी. डीसी के पहुंचते ही शव मिलने की सूचना आ गयी. पता चला कि रेलवे क्रासिंग के पास मांगरोडीह नाले में बच्चा का शव मिल गया है.
पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे परिजन, बाद में माने
नाले से मासूम अंकित का शव बरामद होने के बाद सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव खुद बॉडी लेकर गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचे. चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों की चीख-पुकार से अस्पताल परिसर गमगीन हो उठा. बच्चे के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे. परिजनों का कहना था कि उन्हें किसी रिपोर्ट की जरूरत नहीं है. इस बात पर सदर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही. कई रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग भी अस्पताल पहुंच गये और परिजनों के साथ प्रशासन से बहस करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया. अधिकारियों ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है, ताकि घटना की सही जानकारी दर्ज हो सके और आगे किसी प्रकार की लापरवाही या विवाद की गुंजाइश न बचे. काफी देर तक चली समझाइश और समझौते के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए. इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की. औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजन को शव सौंप दिया गया. इसके बाद वे गांव लौट गये. पीड़ित परिवार को मुआवजा देने पर देर शाम तक कोई फैसला नहीं हुआ था.
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