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गिरिडीह: मनरेगा की योजना में रोजगार सेवक पर लगा कमीशनखोरी का आरोप, प्रदेश संयोजक ने पत्र लिखकर की जांच की मांग

देवरी प्रखंड के कोशोगोंदोदिघी में मनरेगा की योजनाओं में कमीशनखोरी का धंधा बेखौफ चल रहा है. कई योजनाएं धरातल पर भी नहीं उतरी और उसकी राशि तक निकाल ली गयी है.

देवरी प्रखंड के कोशोगोंदोदिघी में मनरेगा की योजनाओं में कमीशनखोरी का धंधा बेखौफ चल रहा है. कई योजनाएं धरातल पर भी नहीं उतरी और उसकी राशि तक निकाल ली गयी है. यह आरोप ग्राम स्वराज मंच के प्रदेश संयोजक पवन कुमार राय उर्फ पप्पू राय ने लगाया है और जांच की मांग की है. गिरिडीह के डीसी को पत्र लिखकर दीदी बाड़ी योजना, आवास योजना समेत कई योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि फर्जी नामों से राशि की निकासी कर ली गयी है. बताया कि वर्ष 2022-23 में लगभग पांच सौ दीदी बाड़ी योजनाओं का काम ठेकेदारों के माध्यम से करवाया गया है. जिस लाभुक के नाम से राशि की निकासी की गयी है, उस लाभुक को उसकी जानकारी तक नहीं है. आवास योजना के निर्माण में दूसरे का घर का फोटो लेकर उसे जियो टैग कर दिया गया. मजदूरी का निकासी भी अवैध रूप से किया गया है. श्री राय ने बताया कि उन्होंने भी बागवानी की योजना की थी जिसमें कोशोगोंदोदिघी पंचायत के रोजगार सेवक मनोज रजक ने पांच प्रतिशत कमीशन की वसूली मास्टर रोल में हस्ताक्षर करने में ली है. उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ कई लोगों से उन्होंने पे फोन नंबर 9931561063 के माध्यम से अवैध रकम की वसूली की है.

मुखिया ने भी रोजगार सेवक को हटाने की मांग की

इधर कोशोगोंदोदिघी पंचायत के मुखिया धनेश्वर यादव ने भी रोजगार सेवक मनोज रजक को पंचायत से हटाने की मांग की है. श्री यादव ने बताया कि उन्होंने बीपीओ को पत्र लिखकर रोजगार सेवक द्वारा गड़बड़ी की आशंका जतायी है और कहा है कि उनके इस कार्यशैली से सभी क्षुब्ध हैं. इसलिए रोजगार सेवक को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाये.

इस मामले को लेकर जब रोजगार सेवक मनोज रजक से बात की गयी तो उनका कहना था कि यह आरोप बिल्कुल गलत है. मैने किसी से कोई कमीशन नहीं लिया है. बताया कि कोशोगोंदोदिघी पंचायत में उनका पदस्थापन छह माह पूर्व ही हुआ है. कई लोग दबाव डालकर गलत काम करवाना चाहते हैं. यही काम पवन कुमार राय ने भी किया. डोभा के निर्माण में वे गलत निकासी करवाना चाहते थे. पूछने पर बताया कि पवन कुमार राय ने उनके पे फोन में वही राशि भेजी है जो उन्होंने पवन कुमार राय को उनके भाई के इलाज के लिए कर्ज में दिया था. इसके अलावे मैने किसी से पे फोन से पैसे नहीं लिये हैं.

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