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Giridih News :पूर्व नक्सलियों ने पूछताछ में खोले कई राज

Updated at : 22 Sep 2025 12:40 AM (IST)
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Giridih News :पूर्व नक्सलियों ने पूछताछ में खोले कई  राज

Giridih News :मंगलवार 16 सितंबर को झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित चिहरा थाना क्षेत्र की बरमोरिया पंचायत अंतर्गत रखाटोला के खेल मैदान में नक्सली पर्चा छोड़े जाने व काला झंडा फहराने की पूरी पटकथा मास्टरमाइंड नक्सली उल्फत अंसारी और राजू यादव ने तैयार की थी.

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मंगलवार 16 सितंबर को झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित चिहरा थाना क्षेत्र की बरमोरिया पंचायत अंतर्गत रखाटोला के खेल मैदान में नक्सली पर्चा छोड़े जाने व काला झंडा फहराने की पूरी पटकथा मास्टरमाइंड नक्सली उल्फत अंसारी और राजू यादव ने तैयार की थी. जेल जाने से पूर्व गिरफ्तार इन नक्सलियों ने पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी दी. उल्फत अंसारी चिहरा थाना के मधुपुर और राजू भेलवाघाटी थाना के गांव जगसीमर का रहनेवाला है. दोनों के विरुद्ध नक्सल से संबंधित आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. पूर्व में राजू का नाम सीमांत इलाके के बड़े नक्सलियों में शुमार था. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उल्फत व राजू ने इलाके के पूर्व नक्सलियों को जोड़कर फिर से इलाके में नयी पार्टी बनाकर बोंगी व बरमोरिया के साथ सीमांत क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं से लेवी वसूलने की योजना बनायी थी. योजना के तहत उल्फत ने नक्सली पर्चा तैयार किया था. कपड़ा भी उल्फत ने ही खरीदा था. वहीं, राजू ने झंडा तैयार कर मैदान में फहराया था. काला झंडा गाड़ने के बाद इन लोगों ने समोसा खाया, जिसे भेलवाघाटी से खरीदकर लाया गया गया था. वहीं झंडा के लिए इस्तेमाल कपड़ा देवरी से मंगवाया गया था.

बैठक बाद छोड़ा पर्चा

सभी पांच नक्सलियों ने बैठकर इलाके के कई पंचायत प्रतिनिधियों और मंत्री सुमित सिंह का नाम आपसी सहमति बनाकर पर्चा में लिखा. पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि मंत्री का नाम इन लोगों ने इस क्षेत्र फेमस होने के लिए दिया था, ताकि डर से इलाके में काम कर रहे संवेदक आसानी से लेवी पहुंचा दें. जिस रात मैदान में कार्यक्रम हुआ था, उस वक्त वहां पर सात से आठ लोग मौजूद थे. झंडा फहराने और पर्चा छोड़ने के बाद सभी ने एक साथ नाश्ता किया और कुछ देर गुहिया जंगल में रहने के बाद सुबह होते ही सभी अपने-अपने घर चले गये. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में नक्सलियों ने पूर्व में भी कई बार पोस्टरिंग करने और इलाके के संवेदक से लेवी वसूलने की बात स्वीकार की थी. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सीमांत इलाके में चल रही विकास योजनाओं में ये लोग संवेदक पर दबाव देकर अपने पसंद का मुंशी भी रखवाने का प्रयास करते थे. इसके आधार पर पुलिस इन लोगों की कुंडली तैयार कर रही है. पुलिस ने दावा किया है कि अब उस इलाके से नक्सली पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, और अब लोग आसानी से अपनी दिनचर्या व्यतीत कर सकते हैं. मालूम हो कि मंगलवार को नक्सली पर्चा छोड़ने और झंडा फहराने के बाद पुलिस ने इस मामले में नक्सली उल्फत अंसारी, राजू यादव, गोविंद मंडल, विनोद पंडित एवं गजाधर मंडल को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक नक्सली राजू यादव के विरुद्ध बिहार और झारखंड के विभिन्न थानाें में कुल पांच नक्सली व अपराधी, जबकि उल्फत अंसारी के विरुद्ध विभिन्न थानों में चार नक्सली व अापराधिक कांड दर्ज हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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