बारिश ने दिया धोखा, गिरिडीह में महज 6.6% हुई धनरोपनी, सुखाड़ का खतरा

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बारिश के अभाव में परती खेत | Prabhat Khabar Network

गिरिडीह जिले में इस वर्ष सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण धान और अन्य फसलों की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे किसानों में सुखाड़ का डर है।

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गिरिडीह: इस वर्ष अल्पवर्षा से हर आम व खास के साथ कृषक भी हलकान हैं. कम बारिश के कारण न सिर्फ धान, बल्कि मकई, दलहन व तिलहन की खेती भी प्रभावित हुई है. कृषक जैसे-तैसे पटवन कर खेती-बाड़ी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 में सामान्य वर्षापात से भी कम बारिश हो रही है, जिस कारण कृषक हताश हैं. कृषक समय पर न तो धान का बिचड़ा लगा पाये और न ही समय पर धनरोपनी हो रही है. स्थिति यह है कि जुलाई माह तक जिले में महज 6.6 प्रतिशत रोपाई हो पायी है. इतना ही नहीं, अल्पवर्षा का आलम यह है कि मकई से लेकर दलहन, तिलहन व अन्य फसलों की खेती भी अपेक्षाकृत कम हुई है. वार्षिक वर्षापात की स्थिति यह है कि वर्ष 2024-25 में जुलाई माह में 191.5 मिमी और वर्ष 2025-26 में 505.6 मिमी बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष महज 154.7 मिमी बारिश हुई है. अल्पवर्षा से कृषक परेशान हैं और सुखाड़ की आशंका से हताश हैं.

वर्षापात का वर्षवार आंकड़ा

माह | सामान्य वर्षापात | वर्ष 2024-25 | वर्ष 2025-26 | वर्ष 2026-27

जनवरी | 16.1 | 3.9 | 0 | 0 फरवरी | 15.8 | 15.1 | 0 | 0.3 मार्च | 11.1 | 30.1 | 27.6 | 14 अप्रैल | 14.9 | 15.0 | 47.3 | 18.6 मई | 40.3 | 17.6 | 94.9 | 87.7 जून | 144.2 | 78.6 | 203.9 | 55.3 जुलाई | 297.9 | 191.5 | 505.6 | 154.7 अगस्त | 291.5 | 527.6 | 258.5 | - सितंबर | 217.1 | 371.92 | 164.50 | - अक्तूबर | 82.6 | 33.16 | 146.38 | - नवंबर | 7.8 | 0 | 13.2 | - दिसंबर | 1.8 | 78.63 | 0.00 | -

कुल | 1141.1 | 1363.1 | 1461.9 | 330.6


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