पायलट प्रोजेक्ट में बरहमसिया चयनित
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :18 Aug 2017 10:14 AM
विज्ञापन

मनरेगा. योजना में गड़बड़ी दूर करने व पारदर्शी बनाने की कवायद तेज मनरेगा में गड़बडी को दूर करने और इसे पारदर्शी बनाने के लिए अन्य योजनाओं की तरह अब इसमें भी जीओ टैग सिस्टम चालू होगा. इसके लिए पूरे झारखंड में गिरिडीह जिला को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित किया गया है. गिरिडीह में यह […]
विज्ञापन
मनरेगा. योजना में गड़बड़ी दूर करने व पारदर्शी बनाने की कवायद तेज
मनरेगा में गड़बडी को दूर करने और इसे पारदर्शी बनाने के लिए अन्य योजनाओं की तरह अब इसमें भी जीओ टैग सिस्टम चालू होगा. इसके लिए पूरे झारखंड में गिरिडीह जिला को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित किया गया है.
गिरिडीह में यह सिस्टम प्रभावी होने पर इसे राज्यभर में लागू किया जाएगा. केंद्र सरकार की ओर से प्रभावी किये गये इस सिस्टम से न केवल धरातल पर कार्य किये बगैर योजनाओं के नाम पर राशि निकालने पर रोक लगेगी बल्कि, अधिकारियों को झांसे में रखकर कार्य से अधिक राशि की निकासी पर भी अंकुश लगेगा.
गिरिडीह : मनरेगा को जिओ से टैग करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत गिरिडीह सदर प्रखंड की बरहमोरिया पंचायत को चुना गया है. इस एक पंचायत में ही पूरी गतिविधि संपन्न होगी. इसका प्रतिवेदन राज्य सरकार को जाने के बाद इसका विस्तार पूरे राज्यभर में किया जा सकेगा. इस कार्य के लिए गिरिडीह प्रखंड के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और पंचायत के ग्राम रोजगार सेवक को प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद भेजा जाएगा. वहां से प्रशिक्षण लेकर आने के बाद इसे प्रभावी कर दिया जाएगा. यह जानकारी डीआरडीए के परियोजना पदाधिकारी बसंत कुमार ने दी.
बिना जीओ टैग के राशि का भुगतान नहीं : बताया कि प्राथमिक स्तर का प्रशिक्षण जिले भर के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों और ग्राम रोजगार सेवकों को दिया जा चुका है. इस पंचायत में जीओ टैग के बगैर मनरेगा की अब कोई भी योजना चालू नहीं हो सकेगी. योजना की स्वीकृति के बाद इसका काम शुरू होने के लिए जीओ टैग करना जरूरी है.
जीओ टैग किए बगैर अब योजना की राशि का भुगतान असंभव है. योजना का कार्य शुरू करने के बाद कुल तीन बार जीओ टैग किया जाएगा. जीओ टैग करने के बाद ही प्रत्येक चरण में राशि का भुगतान हो सकेगा. जबतक योजना में जीओ टैग नहीं किया जाएगा, तबतक योजना के किसी भी किश्त की राशि का भुगतान नहीं हो सकेगा.
फर्जीवाड़ा पर लगेगी रोक : मनरेगा में पहले न योजना की स्वीकृति के बाद जीओ टैग
कराना पड़ता था न उसके कार्य के दौरान राशि भुगतान से पूर्व जीओ टैग कराना होता था. योजना का काम पूरा होने के बाद इसका जीओ टैग कराया जाता था.
इससे योजनाओं में गड़बड़ी का पता नहीं चल पाता था. पूर्व में फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर योजना की स्वीकृति कराकर पुरानी योजनाओं को ही दिखाकर राशि निकालने की लगातार शिकायतें भी आती रहती थीं. जैसे-तैसे केवल एमबी बुक कराकर लाभुकों के नामपर बिचौलिया योजना की पूरी राशि निकाल लिया करते थे. बाद में सामाजिक अंकेक्षण या जीओ टैग के दौरान योजनाएं धरातल पर कहीं दिखता ही नहीं था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










