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भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांंच के लिए वसूली जा रही राशि

Updated at : 30 Oct 2025 8:08 PM (IST)
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भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांंच के लिए वसूली जा रही राशि

पूर्व सिविल सर्जन के आदेश का हवाला देकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने निर्धारित किया शुल्क

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पूर्व सिविल सर्जन के आदेश का हवाला देकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने निर्धारित किया शुल्क विजय सिंह, भवनाथपुर जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों को अब जांच के लिए शुल्क चुकाना पड़ रहा है. इसे लेकर जिलास्तर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया हैं. पूरे जिले में भवनाथपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहला ऐसा केंद्र, जहां जांच के नाम पर मरीजों से शुल्क वसूला जा रहा है. शुल्क की वसूली सिविल सर्जन के आदेश के बिना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर पांच अक्टूबर 2025 से किया जा रहा है. जांच शुल्क पर मरीजों का विरोध प्रभात खबर ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इस मामले की पड़ताल की. बुधवार को भवनाथपुर प्रखंड के कैलान पंचायत के करेश यादव अपने दो पुत्र (निरंजन यादव और पप्पू यादव) को लेकर इलाज कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे. चिकित्सक ने उनके दोनों बेटों के लिए सीबीसी और विडाल जांच लिखी. चिकित्सकों के परामर्श के बाद जब वह अस्पताल के जांच घर गये, तो टेक्नीशियन ने जांच के नाम पर उनसे चार सौ रुपये की मांग की, हालांकि उनसे 300 रुपये लेकर उनकी दोनों बेटे की जांच की. करेश यादव ने इसपर नारजगी जताते हुए कहा कि जब सरकारी अस्पताल में भी जांच के लिए पैसे देने पड़ेंगे, तो इससे बेहतर हम बाहर ही निजी लैब में जांच करा लेंगे. आरोप है कि अस्पताल में प्रतिदिन जांच के नाम पर मरीजों से राशि वसूली जा रहा है. किसी जांच के लिए कितनी हो रही वसूली जांच – निर्धारित शुल्क सीबीसी – 150 एचबीएसी – 100 टी3 टी4 टीएसएच – 200 सीआरपी – 100 डेंगू – 100 यूरिन एल्ब्यूमिन – 100 सिविल सर्जन ने मांगी सफाई गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ केनेडी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह से इस मामले में उनका पक्ष रखने को कहा है. जब सिविल सर्जन डॉ केनेडी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से इस मामले की मोबाइल पर जानकारी ली, तो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को बताया कि जांच किट तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार के समय बाजार से खरीदकर मंगवाया गया था. जिस वजह से जांच के लिए पैसे लिये जा रहें हैं. समीक्षा के बाद होगी आगे की कार्रवाई: सिविल सर्जन सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में जांच के लिए शुल्क निर्धारित नहीं है. इसके बावजूद, भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से राशि की वसूली की जा रही है. यह गंभीर मामला है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से उनका लिखित पक्ष मांगा गया है. समीक्षा के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जायेगी. सुलग रहे हैं सवाल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने जो फोन पर पक्ष रखा हैं उसके बाद यह सवाल खड़ा होता है कि जिस किट के नाम पर मरीजों से शुल्क लिया जा रहा है, वह किट सरकारी फंड से खरीदी गयी थी या प्रभारी द्वारा निजी पैसे से? यदि किट सरकारी पैसे से खरीदी गयी थी, तो मरीजों से शुल्क लेना स्पष्ट रूप से अवैध वसूली की श्रेणी में आता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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