निजी विद्यालय पांच साल के अंदर नहीं बदलें यूनिफॉर्म : डीसी

Published by : Akarsh Aniket Updated At : 05 Jun 2026 10:13 PM

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निजी विद्यालय पांच साल के अंदर नहीं बदलें यूनिफॉर्म : डीसी

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प्रतिनिधि, गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में जिलास्तरीय शुल्क समिति की बैठक आयोजित की गयी. इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, निजी विद्यालयों के संचालक, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित थे. बैठक का उद्देश्य जिला अंतर्गत विभिन्न निजी विद्यालयों द्वारा मासिक ट्यूशन फी, वार्षिक एनुअल फी और री-एडमिशन शुल्क से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करना था. बैठक में विद्यालयों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये. विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने बताया कि किसी भी प्रकार का अधिक शुल्क नहीं लिया जाता है और एडमिशन चार्ज केवल प्रथम बार लिया जाता है. वार्षिक शुल्क (एनुअल फी) में परीक्षा शुल्क, विद्यालय का बेहतर रखरखाव, शिक्षकों के पीएफ और ग्रेच्युटी, होल्डिंग टैक्स, बिजली बिल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शुल्क सुविधाओं के अनुसार बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अभिभावकों पर अधिक आर्थिक दबाव नहीं पड़ना चाहिए. इस दौरान सभी पक्षों ने अपने विचार और समस्याएं साझा कीं. बैठक में डीसी ने कहा कि किसी भी निजी विद्यालय में पांच साल के अंदर यूनिफॉर्म नहीं बदले जायें. जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा और जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत जानकारी दी और बताया कि निजी विद्यालयों में शुल्क समिति द्वारा तय शुल्क दो वर्षों के लिए प्रभावी होगा. यदि वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक है, तो जिला समिति की अनुमोदन आवश्यक होगी. बैठक में डीसी के अन्य महत्वपूर्ण निर्देश ट्यूशन फीस में वार्षिक वृद्धि 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. एनुअल फीस में वृद्धि ट्यूशन फीस के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. एनुअल फीस का ब्रेकअप स्पष्ट रूप से दर्शाया जाये और कोई छुपा शुल्क (हिडेन फीस) न लिया जाये. अभिभावकों से केवल ट्यूशन और एनुअल फीस ही लिया जाये. पुस्तकों की खरीदारी अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी बुक स्टोर से कर सकेंगे, कोई बाध्यता नहीं होगी.

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