गांव के सात चापाकल में से सिर्फ एक चालू

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गांव के सात चापाकल में से सिर्फ एक चालू

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पंडरिया पंचायत के धनी मंडरा गांव में इन दिनों इस भीषण गर्मी में लोग पेयजल के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं होने से लोग दूसरे टोला, पंचायत से बाइक से पानी लाने को मजबूर हैं. जानकारों के अनुसार गांव में पानी का लेबल काफी नीचे चला गया है. इस कारण पेयजल संकट हो गया है. ग्रामीण सर्वेश पासवान, सुनील पासवान, उमेश बियार व अवध वियार ने बताया कि गांव में सात सरकारी चापानल हैं. लेकिन एक को छोड़कर सभी सूखे हैं. लोग तीन बजे भोर से ही लाइन लगाकर पानी के लिए जद्दोजेहद करते हैं. इस भीषण गर्मी में लोग 2-2 दिन तक स्नान नहीं कर पा रहे हैं. मानव के साथ-साथ पशु पक्षियों के लिए भी भारी जलसंकट हो गया है. बताया कि गांव में नल जल योजना के तहत बोर तो हुए हैं लेकिन अभी तक जलापूर्ति शुरू नहीं की गयी है. सिर्फ स्ट्रक्चर खड़ा कर छोड़ दिया गया है. गांव से उत्तर दिशा में पहाड़ी के नीचे एक चुआंड़ी है. वहां से कुछ लोग पानी ला रहे हैं. पर वह भी पानी निकालते-निकालते सूख जाता है. लोगों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से भीषण गर्मी आते ही इस गांव में पेयजल का संकट गहरा जाता है. समाचार पत्रों के माध्यम से विधायक, संसद व मुखिया को सूचना मिलती है, लेकिन गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए कोई पहल नहीं करता है. जब चुनाव आता है, तो पंचायत से लेकर विधानसभा तक के नेता आते हैं, फिर हम लोगों को ठग कर चले जाते हैं.

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