बेटियों की सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक: गढ़वा में मिशन शक्ति को धार दे रहा प्रशासन
मिशन शक्ति
गढ़वा में मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है।
गढ़वा : महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए चल रहे मिशन शक्ति की योजनाओं को जिले में और प्रभावी बनाने की तैयारी तेज हो गई है. इसका उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं और बालिकाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाना है.
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जरूरत के समय तत्काल सहायता
जिले में मिशन शक्ति के तहत सम्बल और सामर्थ्य दो घटकों के माध्यम से काम किया जा रहा है. सम्बल के तहत बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन-181 और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी सेवाएं संचालित हैं. इनका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा और जरूरत के समय तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है.
मातृत्व सहायता देने पर जोर
वहीं सामर्थ्य घटक के तहत शक्ति सदन, पालना घर, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से महिलाओं को संरक्षण, देखभाल, रोजगार से जोड़ने और मातृत्व सहायता देने पर जोर दिया जा रहा है.
जानकारी पहुंचाना बड़ी चुनौती
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की पात्रता रखने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं जानकारी के अभाव में इन सुविधाओं से जुड़ नहीं पाती हैं. ऐसे में योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी माना जा रहा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और किशोरियों को महिला हेल्पलाइन, संरक्षण केंद्रों और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है.
संकट में 181 हेल्पलाइन से मिलेगी मदद
महिला हेल्पलाइन-181 संकट में फंसी महिलाओं के लिए सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है. घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या अन्य परेशानियों की स्थिति में महिलाएं इस सेवा के माध्यम से मदद ले सकती हैं. जरूरत के अनुसार उन्हें संबंधित सेवाओं और संस्थानों से भी जोड़ा जाता है.
हिंसा से प्रभावित के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर
वहीं सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है.
सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भरता पर भी जोर
मिशन शक्ति का उद्देश्य सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. सामर्थ्य घटक की योजनाओं के जरिए महिलाओं को संरक्षण के साथ आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. शक्ति सदन जरूरतमंद महिलाओं के संरक्षण और पुनर्वास में मदद करता है. वहीं जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के जरिए महिलाओं को सरकारी योजनाओं और रोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
महिलाओं को मातृत्व से जुड़ी सहायता
पालना घर जैसी सुविधा कामकाजी महिलाओं के लिए बच्चों की देखभाल में मददगार हो सकती है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को मातृत्व से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है.
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डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने अधिकारियों को मिशन शक्ति की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरतने को कहा. साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित अनुश्रवण और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
जागरूकता और बेहतर पहुंच सबसे महत्वपूर्ण
गढ़वा जैसे ग्रामीण बहुल जिले में मिशन शक्ति की सफलता का आकलन सिर्फ इस बात से नहीं होगा कि कितनी योजनाएं चल रही हैं, बल्कि इससे होगा कि कितनी जरूरतमंद महिलाएं और बालिकाएं सुरक्षा, सहायता और आत्मनिर्भरता से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठा पा रही हैं. इसके लिए सरकारी प्रयासों के साथ जमीनी स्तर पर जागरूकता और योजनाओं की बेहतर पहुंच सबसे महत्वपूर्ण होगी.
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