मझिआंव प्रखंड में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा-2026 आयोजित, 530 छात्र-छात्राएं हुए शामिल
मझिआंव प्रखंड में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2026 का आयोजन किया गया. 530 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी, जिसका उद्देश्य बच्चों को पाश्चात्य संस्कृति की ओर जाने से रोककर भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करना है.
मझिआंव. अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर शनिवार को मझिआंव प्रखंड में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2026 का आयोजन किया गया. प्रखंड में कुल तीन परीक्षा केंद्र बनाये गये थे. प्रो. राधा कृष्ण बालिका उच्च विद्यालय, एलके पब्लिक स्कूल एवं आरके पब्लिक स्कूल में कक्षा 5 से 9 तक के कुल 530 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए.
प्रो. राधा कृष्ण बालिका उच्च विद्यालय में 218 ने दी परीक्षा
प्रो. राधा कृष्ण बालिका उच्च विद्यालय केंद्र पर 218 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी. यहां केंद्राधीक्षक नीरज प्रसाद थे. परीक्षा लेने वालों में प्रखंड संयोजक नागेंद्र सिंह, सुनीता चौरसिया, रानी देवी, संतोषी देवी, अरविंद कुमार वर्मा, राजेश कुमार अग्रहरी एवं मुदस्सर खां शामिल थे. इस केंद्र पर उच्च विद्यालय मझिआंव, उच्च विद्यालय अखौरी टोला, कन्या मध्य विद्यालय, मध्य विद्यालय बूढ़ीखांड एवं मध्य विद्यालय खजुरी के छात्र शामिल हुए.
एलके पब्लिक स्कूल में 148 विद्यार्थी शामिल
एलके पब्लिक स्कूल केंद्र पर 148 छात्र शामिल हुए. इसमें एलके पब्लिक स्कूल, कॉर्नर स्टोन पब्लिक स्कूल, लक्ष्मी बालोदय पब्लिक स्कूल एवं मध्य विद्यालय करमडीह के छात्र शामिल थे. यहां गायत्री परिवार युवा मंडल के जिला संयोजक किरेन्द्र सोनी, ललन साह, धर्मशीला देवी एवं सरस्वती देवी परीक्षक के रूप में मौजूद थीं.
आरके पब्लिक स्कूल में 164 ने दी परीक्षा
आरके पब्लिक स्कूल केंद्र पर 164 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी. यहां केंद्राधीक्षक के.आर. झा थे. भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रखंड प्रभारी बेचन राम, प्रखंड सह संयोजक देवमुनि विश्वकर्मा एवं युवा मंडल के प्रखंड संयोजक अशोक गुप्ता वीक्षक के रूप में मौजूद थे.
भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता लाना उद्देश्य : अच्युतानंद
गायत्री परिवार के जिला ट्रस्टी अच्युतानंद तिवारी ने कहा कि शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर यह परीक्षा पूरे भारत के सभी राज्यों, जिलों एवं प्रखंडों में आयोजित हुई है. उन्होंने कहा कि आज बच्चे भारतीय संस्कृति को भूलकर पाश्चात्य संस्कृति अपना रहे हैं. इसी को लेकर यह परीक्षा करायी गयी है, ताकि बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति जागृति आये और वे पाश्चात्य सभ्यता की ओर न मुड़ें.
उन्होंने कहा कि विश्व के 90 देशों में गायत्री परिवार का कार्यक्रम चल रहा है और करोड़ों लोग गायत्री परिवार के संस्थापक गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सिद्धांतों को मानकर विश्व बंधुत्व और विश्व शांति की राह पर चल पड़े हैं.
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