सेक्स रैकेट से सरकारी आवासीय विद्यालय के तार जुड़ने का अंदेशा, एक छात्रा बनी मां, रात में बच्चियों को ले जाया जाता था स्कूल से बाहर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2019 6:05 AM

विज्ञापन

दूसरी ने दे दी जान, तीसरी झुलसी, चश्मदीद की भी मौत रांची : गढ़वा जिले के मझिआंव प्रखंड स्थित एक सरकारी आवासीय विद्यालय के तार सेक्स रैकेट से जुड़े होने की आशंका सीडब्ल्यूसी ने जतायी है. यहां पढ़नेवाली आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने 28 जून 2019 को मझिआंव रेफरल अस्पताल में एक बच्चे […]

विज्ञापन
दूसरी ने दे दी जान, तीसरी झुलसी, चश्मदीद की भी मौत
रांची : गढ़वा जिले के मझिआंव प्रखंड स्थित एक सरकारी आवासीय विद्यालय के तार सेक्स रैकेट से जुड़े होने की आशंका सीडब्ल्यूसी ने जतायी है. यहां पढ़नेवाली आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने 28 जून 2019 को मझिआंव रेफरल अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था.
छात्रा के बच्चे को गैर कानूनी ढंग से एक एएनएम ने अपने पास रख लिया. इस खबर से शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी सकते में हैं. अब जांच में इस स्कूल से जुड़े कुछ नये खुलासे भी हो रहे हैं. जानकारी मिली है कि प्रताड़ना से तंग आकर इसी विद्यालय की एक अन्य छात्रा ने आग लगाकर कुछ दिन पूर्व जान दे दी थी.
वहीं एक अन्य छात्रा विमला खाना बनाने के दौरान झुलस गयी थी. उस मामले में गवाह रसोइया की संदेहास्पद स्थिति में मौत भी हो गयी. इन चारों मामलों के सामने आने के बाद स्कूल की वार्डेन व शिक्षिका समेत अन्य कर्मचारी संदेह के घेरे में आ गये हैं. गढ़वा के उपायुक्त ने गुरुवार को सिविल सर्जन और जिला शिक्षा अधीक्षक को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है.
छात्रा के मां बनने की खबर मिलने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, गढ़वा (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन उपेंद्रनाथ दुबे ने पांच सदस्यीय टीम गठित कर इस मामले की जांच करायी है. जांच में कमेटी ने इस सरकारी आवासीय विद्यालय सेक्स रैकेट चलने की ओर इशारा किया है.
साथ ही विद्यालय की वार्डेन, मझिआंव रेफरल अस्पताल के चिकित्सक सहित डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को नाबालिग छात्रा के मां बनने और उसके बच्चे को ले लिये जाने के मामले में आरोपी माना है. इसमें छात्रा की मां पर भी एएनएम से उपहार लेने का आरोप लगा है.
जवाबदेही सही तरीके से नहीं निभाने को लेकर भी जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य पर सवाल उठाये गये हैं.
सीडब्ल्यूसी ने अपनी रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सौंप दी है. साथ ही यह रिपोर्ट सीआइडी के एडीजी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (नयी दिल्ली), विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सहित गढ़वा के डीसी व एसपी को भेजी गयी है.
पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की अनुशंसा
मामले में बच्चा जननेवाली पीड़ित छात्रा व उसकी मां के अलावा विद्यालय की चार शिक्षिका, दो सुरक्षा प्रहरी, एक होमगार्ड जवान, दो रसोइया और एक महिला ने सरकारी गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज कराये हैं. सीडब्ल्यूसी ने पोक्सो एक्ट सहित भादवि की विभिन्न धाराओं के तहत मामले में प्राथमिकी करने और उच्चस्तरीय जांच की अनुशंसा की है. साथ ही कहा है कि मामले में नवजात को प्रस्तुत करना और पीड़िता का 164 के तहत बयान कराना अपेक्षित है.
एएनएम ने गलत तरीके से ले लिया बच्चा
छात्रा ने सीडब्ल्यूसी चेयरमैन को बताया कि तत्कालीन वार्डन, शिक्षिका, गार्ड और आवासीय विद्यालय की एएनएम ने उसे 27 जून की रात 12:30 बजे मझिआंव रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, उसी दिन दोपहर 2:10 बजे उसने बच्चे को जन्म दिया.
प्रसव के बाद जब उसे होश आया, तो उससे कहा गया कि वह कुंवारी है, इसलिए यह बच्चा एएनएम को सौंप दे, नहीं तो उसे बदनामी झेलनी पड़ेगी. इसके बाद मझिआंव राजकीय अस्पताल में कार्यरत एएनएम निर्मला कुमारी ने बच्चे को अपने पास रख लिया. निर्मला संतानहीन महिला है. अस्पताल में कार्यरत रहते हुए उसने प्रसव सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है. यह भी जांच का विषय है.
सेक्स रैकेट से विद्यालय के तार जुड़ने का अंदेशा
जांच में बड़े लोग आ सकते हैं लपेटे में
उपायुक्त ने पूरे मामले की जांच का जिम्मा सिविल सर्जन और डीएसइ को सौंपा, रिपोर्ट भी तलब की
सीडब्ल्यूसी ने की मामले की जांच, दोषियों पर कार्रवाई के लिए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सौंपी रिपोर्ट
डीइओ, डीएसइ, वार्डन, डॉक्टर, एएनएम सहित 19 को प्रथमदृष्टया पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी माना
अन्य तीन मामले
1. बरडीहा थाना क्षेत्र के सरसतिया गांव निवासी छात्रा विमला कुमारी खाना बनाने के दौरान चार अक्तूबर को झुलस गयी थी. वह अभी ठीक है और अपने घर पर रह रही है.
2. स्कूल परिसर में ही 12 दिसंबर को रसोइया फूलमति देवी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी थी. वह विमला कुमारी के झुलसने के मामले में गवाह थी.
3. चैनपुर निवासी छात्रा रिंकू कुमारी ने 14 नवंबर को अपने घर में आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया. उसे पहले गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रिम्स रेफर किया गया था. रिम्स में 22 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. मरने से पूर्व उसने बयान दिया कि जिस आवासीय स्कूल में वह पढ़ रही थी, वहां उसे प्रताड़ित किया जा रहा था. वह स्कूल नहीं जाना चाहती थी, लेकिन घरवाले बार-बार उसे स्कूल जाने का दबाव बना रहे थे.
रात में बच्चियों को स्कूल से बाहर ले जाया जाता था
सरकारी आवासीय विद्यालय की वार्डेन गौरी सिंह व अन्य के खिलाफ तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरविंद कुमार व बृजमोहन कुमार ने कार्रवाई की थी. नौ कर्मियों को निलंबित भी किया था. बाद में गौरी सिंह को वार्डेन मझिआंव का प्रभार दे दिया गया. जांच में यह बात सामने आयी कि विद्यालय की छात्राओं को एक-एक, दो-दो करके विद्यालय से बाहर ले जाया जाता था. रात गुजारने के बाद सुबह में उन्हें वापस विद्यालय ले आया जाता था. इस भ्रष्टाचार में शिक्षा क्षेत्र के उच्च अधिकारी से लेकर कई नामचीन हस्तियां शामिल हैं. मामले का खुलासा करने वालों को जान का खतरा है. इसके अलावा नाबालिग पीड़िता और उसके बच्चे को भी जान का खतरा है.
सीडब्ल्यूसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में इनकी कार्यशैली पर उठाये हैं सवाल
स्नेहलता सिंह : सरकारी आवासीय विद्यालय की तत्कालीन वार्डेन, जिन्होंने नाबालिग व उसके बच्चे के संबंध में लेन-देन किया. साक्ष्य छिपाये. वर्तमान में गढ़वा के सरकारी आवासीय विद्यालय में पदस्थापित हैं.
गौरी सिंह : सरकारी आवासीय विद्यालय की वार्डेन. साजिश करने में शामिल. भ्रष्टाचार के भी कई आरोप. दस्तावेज में छेड़छाड़ व साक्ष्य मिटाने का आरोप.
निर्मला कुमारी : मझिआंव राजकीय अस्पताल में पदस्थापित एएनएम, जिसने नाबालिग बच्चे को रखा. अनैतिक मानव व्यापार करने का लगा आरोप.
डॉ गोविंद सेठ : मझिआंव के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी मिठाई लेने और दस्तावेज में छेड़छाड़ के आरोपी.
हरेराम कुमार : निर्मला कुमारी के पति, जो अवैध बच्चा लेने में शामिल रहे.
बेलावती कच्छप : निर्मला के प्रसव प्रवृष्टि पर हस्ताक्षर करनेवाली.
राकेश कुमार : ड्रेसर, जिसने बालिका का इलाज किया. वह इस मामले का चश्मदीद है.
पीड़िता की मां : घटना की जानकारी के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी. उपहार भी लिया.
लाल बहादुर मेहता : सरकारी आवासीय विद्यालय के अध्यक्ष. इन्होंने शिक्षक और छात्रों की उपस्थिति पंजी में छेड़छाड़ के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की. घटना में आपत्ति नहीं की.
एक महिला : यह सेक्स रैकेट चलाती है. बड़े नामी हस्तियों तक स्कूली बालिकाओं को पहुंचा कर जिस्मफरोशी का धंधा चलाती है. शराब का धंधा भी करती है. नाबालिग पीड़िता की मुलाकात चंदन से इसके घर में ही हुई थी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola