रांची में दूध व्यवसायी बन कर रह रहा था छोटू
Updated at : 16 Sep 2017 11:30 AM (IST)
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25 साल से अपराधिक घटनाओं को बेखौफ रूप से दे रहा था अंजाम पशु व्यवसाय में वर्चस्व को लेकर उसने की थी कई हत्यायें गढ़वा : गढ़वा जिले में पिछले 25 सालों से अापराधिक घटनाओं को बेखौफ अंजाम दे रहा छोटू रंगसाज अंतत:पुलिस की पकड़ में आ ही गया़ छोटू रंगसाज की गिरफ्तारी के बाद […]
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25 साल से अपराधिक घटनाओं को बेखौफ रूप से दे रहा था अंजाम
पशु व्यवसाय में वर्चस्व को लेकर उसने की थी कई हत्यायें
गढ़वा : गढ़वा जिले में पिछले 25 सालों से अापराधिक घटनाओं को बेखौफ अंजाम दे रहा छोटू रंगसाज अंतत:पुलिस की पकड़ में आ ही गया़ छोटू रंगसाज की गिरफ्तारी के बाद यहां के लोगों ने राहत की सांस ली है़ गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के सेवाडीह गांव निवासी बाजुद्दीन रंगसाज उर्फ छोटू रंगसाज ने रंका एवं आसपास के गांवों में छोटी-मोटी घटनाओं से अपराधिक जीवन की शुरुआत की थी़ लेकिन धीरे-धीरे वह अंतरराज्यीय स्तर का अपराधी बन गया़ इस बीच वह दो बार जेल भी जा चुका है़ लेकिन तीसरी बार जेल से निकलने के बाद वह काफी कुख्यात अपराधी के रूप में चर्चित हो गया़
वह गढ़वा के पिपरा गांव में एक ही परिवार के कई लोगों की हत्या कर चर्चा में आया़ उसने पशु व्यवसाय में अपनी धाक जमाने के लिए पिपरा के ही जट्टू खान, इलाही खान, एकरार खान आदि की हत्या की़ इनकी हत्या के बाद छोटू रंगसाज के नाम से गढ़वा जिले में लोगों के बीच खौफ कायम हो गया था़ पिछले सात साल से वह पुलिस की नजरों में फरार था़ लेकिन कई बार गढ़वा आकर घटनाओं को अंजाम देने के बाद वह पुन: भूमिगत हो जाता था़ एसपी मो अर्शी के पूर्व के सभी पुलिस अधीक्षकों के लिए उसकी गिरफ्तारी काफी चुनौतीपूर्ण थी़ लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके़
कई दिनों से नामकुम में वॉच कर रही थी पुलिस
छोटू रंगसाज के रांची के नामकुम में रहने की गुप्त सूचना मिलने के बाद से गढ़वा पुलिस की एक टीम वहां जाकर छोटू रंगसाज के बारे में पता लगा रही थी़ कई दिनों तक स्थायी रूप से वहां रूकने के बाद पुलिस को पता चला कि छोटू वहां आम लोगों के बीच घुल मिलकर रह रहा है़
उसने अपराधिक पहचान पूरी तरह से छुपाते हुयू दूध बेचने का धंधा एवं जमीन की खरीद-बिक्री का काम शुरू किया है़ एसपी मो अर्शी ने बताया कि नामकुम के वैसे इलाके को उसने अपने छुपने के लिये चुना, जहां नयी बसावट हो रही थी़ वहां राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग जमीन लेकर बस रहे थे़ इसलिए कोई भी छोटू को पहचान नहीं सका था़ छोटू की गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक सफेद होंडा मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जो उसने रांची में ही खरीदी थी़
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