देश में शांति के लिए सामूहिक जाप हुआ

Updated at : 10 Jul 2017 12:22 PM (IST)
विज्ञापन
देश में शांति के लिए सामूहिक जाप हुआ

गुरु पूर्णिमा पर निमियां स्थान में गुरु पूजन कार्यक्रम का आयोजन गढ़वा : गायत्री परिवार गढ़वा द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तपोभूमि निमिया स्थान में सामूहिक रूप से गुरु पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया़ साथ ही विश्व् शांति, देश की सीमा पर से आतंकवाद के खात्मे और सैनिकों को शक्ति प्रदान करने के […]

विज्ञापन
गुरु पूर्णिमा पर निमियां स्थान में गुरु पूजन कार्यक्रम का आयोजन
गढ़वा : गायत्री परिवार गढ़वा द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तपोभूमि निमिया स्थान में सामूहिक रूप से गुरु पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया़ साथ ही विश्व् शांति, देश की सीमा पर से आतंकवाद के खात्मे और सैनिकों को शक्ति प्रदान करने के लिए यज्ञ की आहूतियां प्रदान की.
यज्ञ संपन्न करा रहे संतन मिश्र ने कहा कि गायत्री परिवार पूरे देश में सीमा पर तैनात जवानों को ताकत प्रदान करने के लिए और पड़ोसी देशों सहित पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए नियमित रूप से सामूहिक जप कर रहा है़ सामूहिक जप व प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है़ इस अवसर पर उन्होंने गुरु की महिमा पर भी प्रकाश डाला गया़
श्री मिश्र ने कहा कि आज गुरु के प्रति समर्पण का दिन है़ हमलोग गुरु कार्य के प्रति संकल्पित हों और गुरु के बताये अनुसार चलकर अपने जीवन को संवारे़ इस दौरान पांच लोगों ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ली़ कार्यक्रम में संरक्षक बसंतलाल गुप्ता, प्रधान ट्रस्टी बनारसी पांडे, सहायक प्रबंध ट्रस्टी मधु श्रीवास्तव, शिवाजी श्रीवास्तव, कंचन साहू, विनोद पाठक, अशोक प्रसाद, जयप्रकाश ठाकुर, नरेंद्र सिंह, वैजनाथ सिंह, रणजीत केशरी, सुनील विश्वकर्मा, लीलावती तिवारी, शोभा पाठक, अनीता देवी, नीलम चौबे, पूनम चौबे, सुनन्दा दुबे, सुषमा ठाकुर, कांति दुबे, संगीता देवी सहित काफी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे़
गुरु व शिष्य का संबंध दाता व भिखारी का : बिशुनपुरा. अखिल विश्व गायत्री परिवार बिशुनपुरा ने गुरु पूर्णिमा पर प्रज्ञा मार्ग दर्शन कोचिंग के परिसर में हवन का आयोजन किया गया़ हवन में गायत्री परिवार के लोगों के अलावा छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया़ इस अवसर पर गायत्री परिवार के राधेश्याम पांडेय ने गुरु व शिष्य के रिश्ते के बारे में विस्तार से बताया़
उन्होंने कहा कि गुरु अपने जीवन का तप, पुरुषार्थ व योग्यता अपने शिष्यों को देकर उन्हें इंसान के रूप में ढालते है़ गुरु व शिष्य में दाता व भिखारी का संबंध होता है़ लेकिन आज यह संबंध पूरी तरह बदल गया है़
पश्चिमी सभ्यता पूरी तरह से हमारे ऊपर हावी हो चुकी है़ बच्चे अंधकार में भटक रहे है़ उन्हें आज सच्चे गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता है़ इस अवसर पर युग संगीत ध्यान भी बच्चों को कराया गया़ इस मौके पर पंकज कुमार, बिट्टू कुमार, रमेस कुमार, अमीषा कुमारी, अनूप कुमार, सविता कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola