अब हर खदान का बनेगा सुरक्षा रिपोर्ट कार्ड, 35 से कम रेटिंग पर कसेगा शिकंजा

Updated:
विज्ञापन

Ai Generated Image

देश की हर खदान का जल्द ही सुरक्षा रिपोर्ट कार्ड बनेगा. खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने जोखिम, सुरक्षा नियमों के अनुपालन और प्रबंधन के आधार पर खदानों को ग्रेड देने की नई व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है. इस नई प्रणाली से संभावित खतरों की पहचान पहले ही की जा सकेगी और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा.

विज्ञापन

धनबाद से मनहोर की रिपोर्ट

आपके शहर में

विज्ञापन

धनबाद. अब देश की हर खदान का सुरक्षा रिपोर्ट कार्ड बनेगा. खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने खदानों की सुरक्षा को अंकों के आधार पर ग्रेड करने की नई व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया है.

इस प्रस्ताव के तहत जोखिम, सुरक्षा नियमों के अनुपालन और सुरक्षा प्रबंधन के आधार पर खदानों को रेटिंग दी जाएगी. खराब रेटिंग वाली खदानों पर निगरानी और निरीक्षण बढ़ेगा, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाली खदानों में निरीक्षण की आवृत्ति कम की जा सकती है.

आंकड़े बताएंगे खदान कितनी सुरक्षित

नई व्यवस्था का मकसद हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उससे पहले संभावित खतरे की पहचान कर उसे रोकना है. इसके लिए देश की सभी खदानों से सुरक्षा संबंधी आंकड़े ऑनलाइन लिए जाएंगे. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर प्रत्येक खदान का सुरक्षा स्तर तय किया जाएगा. यानी आगे से खदान की सुरक्षा सिर्फ निरीक्षण रिपोर्ट से नहीं, बल्कि तय मानकों पर मिले अंकों से भी आंकी जाएगी.

अच्छी खदान को राहत, खराब पर शिकंजा

प्रस्ताव के अनुसार समग्र सुरक्षा रेटिंग को श्रम सुविधा पोर्टल से जोड़ा जा सकता है. बेहतर रेटिंग वाली खदानों में निरीक्षण की आवृत्ति कम की जा सकती है, जबकि खराब रेटिंग वाली खदानों में अधिक और लक्षित निरीक्षण किये जायेंगे. बेहतर प्रदर्शन करने वाली खदानों को पुरस्कार और अन्य प्रोत्साहन देने का भी प्रस्ताव है.

प्रस्ताव पर मांगे सुझाव

डीजीएमएस ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने से संबंधित मसौदा सार्वजनिक किया है. इसमें राष्ट्रीय जोखिम रेटिंग सूचकांक, राष्ट्रीय अनुपालन रेटिंग सूचकांक और समग्र खान सुरक्षा रेटिंग की प्रस्तावित व्यवस्था शामिल है. डीजीएमएस ने इस प्रस्ताव पर सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद बदलाव किए जाएंगे.

AI से पहले मिलेगी खतरे की सूचना

प्रस्तावित व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा एनालिसिस का भी इस्तेमाल किया जाएगा. इसके जरिए बार-बार होने वाले उल्लंघन, बढ़ते हादसों और सुरक्षा व्यवस्था में गिरावट जैसे संकेतों की समय रहते पहचान की जा सकेगी. इससे संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पहले ही सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे.

ये भी पढ़ें: JSSC भर्ती घोटाला: 2022 में CID के पास थी अरुण की पूरी कुंडली, 4 साल बाद हुई गिरफ्तारी

खतरा ज्यादा तो निगरानी भी ज्यादा

राष्ट्रीय जोखिम रेटिंग में खदान की भूगर्भीय स्थिति, खनन की गहराई, छत और किनारों की स्थिति, मशीनों की हालत आदि मामले देखे जाएंगे. जोखिम के आधार पर खदानों को तीन श्रेणियों में रखा जाएगा. 70 से अधिक अंक वाली खदान उच्च जोखिम, 30 से 70 अंक वाली मध्यम जोखिम और 30 से कम अंक वाली खदान कम जोखिम वाली मानी जाएगी.

ये भी पढ़ें: छाताबाद भूधसान पर सियासत तेज, अनूप सिंह और ढुलू महतो के बीच जुबानी जंग

नियमों का पालन भी कसौटी

दूसरे सूचकांक में यह देखा जाएगा कि खदान प्रबंधन सुरक्षा कानूनों और नियमों का कितना पालन करता है. सुरक्षा योजना, मानक कार्यप्रणाली, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, दुर्घटना के बाद की कार्रवाई, सुरक्षा अभ्यास, आधुनिक सुरक्षा तकनीक के इस्तेमाल और सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव को भी अंक दिए जाएंगे.

राष्ट्रीय जोखिम रेटिंग और राष्ट्रीय अनुपालन रेटिंग को मिलाकर समग्र खान सुरक्षा रेटिंग तैयार की जाएगी.

समग्र खान सुरक्षा रेटिंग - कितने अंक पर कैसा मानक

85 से 100 अंक - उत्कृष्ट

70 से 84 अंक - अच्छी

50 से 69 अंक - औसत

35 से 49 अंक - खराब

35 से कम अंक - बेहद खराब





विज्ञापन
शेखर सुमन

लेखक के बारे में

By शेखर सुमन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola