भारत में सर्वाधिक नदियां व बांध, फिर भी जल संकट : सुरभि सिन्हा

Updated at : 19 Apr 2024 11:46 PM (IST)
विज्ञापन
भारत में सर्वाधिक नदियां व बांध, फिर भी जल संकट : सुरभि सिन्हा

DCIM100MEDIADJI_0190.JPG

- 2030 तक भारत में वर्तमान से दोगुना जल संकट होने का अनुमान

विज्ञापन

– घाटशिला. यामिनी कल्याणी महतो कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड कॉमर्स में व्याख्यान शृंखला- देश में जल प्रबंधन का अभाव और लोगों में जागरूकता की कमी है- 2030 तक भारत में वर्तमान से दोगुना जल संकट होने का अनुमान

गालूडीह.

सालबनी स्थित यामिनी कल्याणी महतो कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड कॉमर्स के सभागार में शुक्रवार को व्याख्यान शृंखला के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया गया. इसका विषय ‘संसाधन प्रबंधन और भू- स्थानिक प्रौद्योगिकी का उपयोग’ था. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर व दिवंगत डाॅ यामिनी कांत महतो की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर किया गया. प्राचार्य डॉ आर श्रीकांत नायर ने उद्घाटन किया. कार्यक्रम में जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज की सहायक प्रो सुरभि सिन्हा मुख्य वक्ता रहीं. कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्राचार्य नायर ने विशेष जानकारी दी. सुरभि सिन्हा ने कहा कि भारत में सर्वाधिक नदियां व बांध हैं, फिर भी देश जल संकट से जूझ रहा है. इसका मुख्य कारण जल प्रबंधन का अभाव और लोगों में जागरूकता की कमी है. ऐसा अनुमान है कि 2030 तक भारत को वर्तमान से दोगुना जल संकट का सामना करना पड़ेगा. कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छात्रा रंजना शर्मा व मनीषा महतो ने पुस्तक ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम स्टीफन हॉकिंग‘ के अनुभवों को साझा किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में विभागाध्यक्ष डॉ मौसमी महतो, सुशांति कुमारी, दुली रानी मुर्मू, विनिता टुडू, विवेक कुईला, कविता धारा की अहम भूमिका रही. डॉ पूनम कुमारी, डॉ आशा वर्मा, श्यामली दत्ता, बसंत पंडित, तारा महतो, डाॅ नंदन दास, पूनम टुडू, प्रीति कुमारी आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का आयोजन को-ऑर्डिनेटर गीताश्री कालिंदी ने किया. संचालन बीएड सेमेस्टर वन की बबीता महतो और ज्योति महतो ने किया. धन्यवाद ज्ञापन प्रिया बेरा ने किया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola