9 उपचुनावों में बीजेपी का खाता खाली, क्या इस बार बदलेगी तकदीर

Published by : Sameer Oraon Updated At : 18 Oct 2025 6:19 PM

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सोमेश सोरेन और बाबूलाल सोरेन

Ghatsila By Election: घाटशिला उपचुनाव में बीजेपी और झामुमो ने नामांकन दाखिल कर चुनावी जंग तेज कर दी है. 2014 के बाद हुए उपचुनावों का इतिहास और दोनों दलों की तैयारियों की पूरी जानकारी जानें.

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Ghatsila By Election: घाटशिला उपचुनाव को जीतने के लिए सभी दलों ने जान झोंक दी है. शुक्रवार को बीजेपी और झामुमो दोनों दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया. बीजेपी से बाबूलाल सोरेन मैदान में हैं, तो झामुमो की तरफ से सोमेश सोरेन चुनावी आखाड़े में हैं. नामांकन दाखिल करने के दोनों ही दोनों दलों ने चुनावी जनसभा को संबोधित भी किया. अब तो 14 नवंबर को ही पता चलेगा कि इस उपचुनाव में किसकी किस्मत चमकेगी. लेकिन इतिहास के पन्नों को पलटे तो 2018 के बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा.

2018 के बाद 9 उपचुनाव हुए

साल 2014 के बाद से झारखंड में 9 उपचुनाव हुए. जिसमें 6 में झामुमो, 2 सीट पर कांग्रेस और 1 सीट पर आजसू ने जीत दर्ज की. जबकि बीजेपी का खाता शून्य रहा है. साल 2018 में हुए दो उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. गोमियो और सिल्ली में हुए इस इलेक्शन में झामुमो ने जीत दर्ज की थी. दरअसल ये उपचुनाव झामुमो के दो कद्दावर नेता अमित महतो और वर्तमान मंत्री योगेंद्र महतो को दो साल से अधिक की सजा होने के बाद हुई थी. इस उपचुनाव में अमित महतो की पत्नी सीमा महतो और योगेंद्र महतो की पत्नी बबीता महतो ने जीत दर्ज की थी.

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2019 से 2024 के बीच 6 उपचुनाव हुए

फिर साल 2019 से 2024 के बीच 7 उपचुनाव हुए. जिसमें झामुमो ने 4, कांग्रेस ने 2 और आजसू ने 1 सीट पर कब्जा जमाया. दुमका से बसंत सोरेन ने जीत दर्ज की थी. जबकि मधुपुर से हफीजुल हसन अंसारी और डुमरी से स्व. जगरन्नाथ महतो की पत्नी बेबी देवी ने जीत दर्ज की थी. वहीं, झामुमो के सरफराज अहमद के अचानक इस्तीफे के बाद खाली हुई गांडेय सीट पर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने जीत दर्ज की. जबकि कांग्रस ने मांडर और बेरमो से जीत दर्ज की. बेरमो से कांग्रेस प्रत्याशी अनूप सिंह ने जीत हासिल की, जबकि मांडर से बंधु तिर्की की बेटी शिल्पी नेहा तिर्की ने जीत दर्ज की. जबकि एक सीट रामगढ़ पर आजसू ममता देवी जीती. इस तरह से देखा जाए तो बीजेपी का खाता 2016 के बाद हुए उपचुनाव में शून्य रहा.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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