East Singhbhum News : बाहा उत्सव नहीं, आदिवासी संस्कृति की पहचान : रामदास

Author Anuj kumar
Updated:
विज्ञापन
East Singhbhum News : बाहा उत्सव नहीं, आदिवासी संस्कृति की पहचान : रामदास

नरसिंहगढ़ : भाटीसाल में धूमधाम से मना बाहा बोंगा, मांदर-धमसे की थाप पर थिरका आदिवासी समाज

विज्ञापन

धालभूमगढ़. नरसिंहगढ़ जाहेरगाढ़ भाटीसाल में बाहा बोंगा का आयोजन किया गया. इस मौके पर शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन शामिल हुए. सुबह में नायके भायरो सोरेन द्वारा पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना की गयी. शाम में बाहा नृत्य का आयोजन किया गया. इस मौके पर रामदास सोरेन ने कहा कि बाहा केवल उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा की पहचान है. इस प्रकार के आयोजन से सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारा बढ़ता है. झारखंड सरकार आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है. बाहा पर्व पर जल्द ही अवकाश की घोषणा की जायेगी. सरकार संथाली भाषा एवं लिपि को मजबूती देने के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालय से स्नातक स्तर तक संताली भाषा में पढ़ाई करने की पहल कर रही है. पूजा-अर्चना के बाद नायके ने उन्हें मंगलदायक बाहा फूल सौंपा. इस मौके पर भारी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने बाहा नृत्य कर अपनी परंपरा का पालन किया. इस मौके पर अर्जुन हांसदा, मुखिया विक्रम टुडू, चैतन्य मुर्मू, धनपति मुर्मू, विक्रम सोरेन, सुबोध मुर्मू, डीसी सोरेन, कुनाराम टुडू, आरती सामद, लखन मुर्मू, पंसस प्रदीप राय, श्रीमत मुर्मू, रतन मुर्मू, फुलमनी टुडु, जननी टुडु, विनोद चौबे, पुलक नामता, भीम सोरेन, रावण टुडू उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Anuj Kumar

लेखक के बारे में

By Anuj Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola