कालाझोर : सभी चापाकल बेकार, तालाब सूखे

Updated at : 30 Mar 2017 4:03 AM (IST)
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कालाझोर : सभी चापाकल बेकार, तालाब सूखे

गालूडीह: घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत अंतर्गत कालाझोर गांव में जल संकट गहरा गया है. तीन हजार आबादी वाले गांव में 10 चापाकल है. इसमें सिर्फ एक चालू की हालत में है. यहां सुबह से पानी के लिए लंबी कतार लगी रहती है. गांव में पांच तालाब है, जिसमें चार सूख गये हैं. एक तालाब […]

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गालूडीह: घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत अंतर्गत कालाझोर गांव में जल संकट गहरा गया है. तीन हजार आबादी वाले गांव में 10 चापाकल है. इसमें सिर्फ एक चालू की हालत में है. यहां सुबह से पानी के लिए लंबी कतार लगी रहती है. गांव में पांच तालाब है, जिसमें चार सूख गये हैं. एक तालाब में पानी है, जहां पूरा गांव नहाता है. इसी तालाब में मवेशी भी नहाते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि 1982 में बने चेकडैम भी सूख गया है.

विभाग से खराब चापाकलों की मरम्मत की मांग : ग्रामीणों ने बुधवार को सूखे तालाब के पास पानी की मांग पर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने जल स्वच्छता विभाग से खराब चापाकलों की मरम्मत की मांग की. ग्राम प्रधान चूनका हेंब्रम, ग्रामीण काला सरकार, साकला हेंब्रम, सीताराम गोप, बुद्धेश्वर सिंह, भीम सिंह, पार्वती सिंह, पवित्रा गोप, संध्या प्रमाणिक, शर्मिला किस्कू, साकरो मुर्मू आदि ग्रामीण उपस्थित थे. ग्रामीणों ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व ही खराब चापानलों की सूची बनाकर जल एवं स्वच्छता विभाग, मुखिया को दी गयी, अब तक मरम्मत शुरू नहीं हुई.
गांव के एक तालाब में है पानी, जहां ग्रामीण और मवेशी एक साथ नहाते हैं
आंगनबाड़ी केंद्र का चापाकल एक साल से खराब, सेविका दूर से लाती है पानी
कालाझोर आंगनबाड़ी केंद्र में जल संकट गहरा गया है. बुधवार को केंद्र में सेविका शुरूकुनी किस्कू उपस्थित थी. केंद्र में बीस बच्चे नामांकित हैं. आज सात बच्चे उपस्थित थे. बच्चे पोषाहार खा रहे थे. सेविका ने कहा कि बच्चे पानी का बोतल घर से लेकर आते हैं. केंद्र का चापाकल एक साल से खराब पड़ा है. सेविका ने बताया कि पोषाहार बनाने के लिए दूर से पानी ढोकर लाते हैं तब पोषाहार बनता है.
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