गालूडीह. बनामघुटू में 22 एकड़ में फैला पहाड़ चार माह में गायब ग्रामीणों ने खनन कार्य रोका

Published at :27 Feb 2016 1:35 AM (IST)
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गालूडीह. बनामघुटू में 22 एकड़ में फैला पहाड़ चार माह में गायब ग्रामीणों ने खनन कार्य रोका

एमजीएम थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित दलदली पंचायत के बनामघुटू में 22 एकड़ में फैला पहाड़ और जंगल चार माह में गायब हो गया. इस पहाड़ में क्वार्ट‍्ज/क्वार्टजाइट पत्थर का भंडार था. 100 फीट से अधिक ऊंचा पहाड़ अब 20 फीट का रह गया है. गालूडीह : पहाड़ का अधिकांश हिस्सा समतल हो गया है.दलदली […]

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एमजीएम थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित दलदली पंचायत के बनामघुटू में 22 एकड़ में फैला पहाड़ और जंगल चार माह में गायब हो गया. इस पहाड़ में क्वार्ट‍्ज/क्वार्टजाइट पत्थर का भंडार था. 100 फीट से अधिक ऊंचा पहाड़ अब 20 फीट का रह गया है.

गालूडीह : पहाड़ का अधिकांश हिस्सा समतल हो गया है.दलदली पंचायत की मुखिया मिनती टुडू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने खनन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है. शुक्रवार को ग्रामीणों ने खनन स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और खनन बंद करवा दिया. खनन करने वाले यहां से भाग खड़े हुए.

विरोध प्रदर्शन में विनोद टुडू, किशन सोरेन, रास बिहारी हांसदा, विश्वनाथ हांसदा, विजय हांसदा, जगदीश पातर, सूरज पातर, रघु मार्डी, चैतन हांसदा, मुनी लाल, भारती हांसदा, तुलसी, साकरो, जानू मार्डी, पूजा पातर, दुर्गा मती पातर, दानगी हांसदा समेत अनेक ग्रामीण लाठी-डंडे और परंपरागत हथियारों से लैस थे. गुरुवार को भी ग्रामीणों ने विरोध किया था
और खनन करने वाले झामुमो नेता मंगल कालिंदी को बंधक बना लिया था. ग्रामीणों ने श्री कालिंदी से लिखित लिया कि आज से खनन कार्य नहीं करायेंगे. वाहन और मशीन हटा लेंगे. इस शर्त पर उसे ग्रामीणों ने मुक्त किया था.
मेरे साथ साजिश : मंगल
पटमदा . झामुमो नेता मंगल कालिंदी ने कहा कि गुरुवार को बनामघुटु गांव में मुझे बंधक नहीं बनाया, मुझे राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया गया गया. बनामघुटु गांव में किसी चंदुका मिनरल्स कंपनी को संबंधित विभाग के सहयोग से पी एल (खनन) की अनुमति प्राप्त है. इसके तहत कंपनी के लोगों द्वारा खनन का कार्य किया जा रहा है. इस खनन कार्य से मेरा कोई लेना देना नहीं है. खनन कंपनी में ठेकेदारी को लेकर गांव में दो गुटों में विवाद है. दोस्त के कहने पर घटना के दिन दोनों गुटों में समझौता कराने के उद्देश्य से गांव गया था. इस बीच एक गुट उग्र हो गया और विवाद बढ़ गया
चार माह से हो रहा पत्थरों का खनन:मुखिया मिनती टुडू ने बताया कि बनामघुटू में प्लांट संख्या 245, रकबा 21.88 डिसमील में पहाड़ फैला है. इस पहाड़ में क्वार्टज, क्वार्टजाईट खनन के पूर्वक्षण अनुज्ञप्ति (पीएल) की स्वीकृति मेसर्स चांदुका मिनरल्स एंड केमिकल्स प्रालि को झारखंड सरकार से मिली है. पीएल लीज में कहा गया है कि अनुज्ञप्तिधारी दस टन क्वार्टज/क्वार्टजाईट खनिज ले जा सकते है.
परंतु लीज धारक प्रति करीब 30 हाईवा पत्थर ले जा रहा था. पहाड़ का अधिकांश हिस्सा समतल हो गया है.ग्रामीणों ने कहा कि खनन से आदिवासियों का पूजा स्थल एवं श्मशान भी नष्ट हो गया. मुखिया ने बताया कि 30 जनवरी और 19 फरवरी को डीसी, 19 फरवरी को खनन विभाग और 30 जनवरी को सीएम एवं 23 फरवरी को खनन सचिव के पास आवेदन भेज कर कार्रवाई की मांग की. परंतु अब तक कोई पहल नहीं की गयी है.
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