डीआरडीए डायरेक्टर को तीन घंटे तक घेरा

Updated at : 08 Jun 2017 4:00 AM (IST)
विज्ञापन
डीआरडीए डायरेक्टर को तीन घंटे तक घेरा

जादूगोड़ा. कुलडिया से चतरो गांव तक अधूरी सड़क को पूरा करने की मांग कर रहे थे ग्रामीण जादूगोड़ा : पोटका प्रखंड के आसनबनी पंचायत स्थित चतरो गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने को लेकर डीआरडीए के डायरेक्टर उमा महतो के वाहन को सुबह 10 बजे से लेकर 1:30 […]

विज्ञापन

जादूगोड़ा. कुलडिया से चतरो गांव तक अधूरी सड़क को पूरा करने की मांग कर रहे थे ग्रामीण

जादूगोड़ा : पोटका प्रखंड के आसनबनी पंचायत स्थित चतरो गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने को लेकर डीआरडीए के डायरेक्टर उमा महतो के वाहन को सुबह 10 बजे से लेकर 1:30 बजे तक घेरे रखा. इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की.
डायरेक्टर उमा महतो के साथ उनकी टीम के सदस्यों को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. ग्रामीण कार के समक्ष खड़े हो गये थे. डायरेक्टर ने ग्रामीणों को काफी समझाया कि वे इस विभाग के नहीं है. वे अन्य कार्य के लिए यहां आये हुए हैं.
डीएसपी व सीओ के आश्वासन पर माने ग्रामीण:घटना की जानकारी मिलते ही मुसाबनी के डीएसपी अजित कुमार विमल, सीओ द्वारिका बैठा, बीडीओ प्रभाषचंद्र दास, मुखिया धीरेंद्रनाथ टुडू घटनास्थल में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की. बैठक के क्रम में सीओ ने फोन पर डीडीसी से बात की. इसके बाद अधूरी सड़क निर्माण कार्य की जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने डीआरडीए के डायरेक्टर उमा महतो व उनकी टीम को जाने दिया.
मनरेगा योजना का निरीक्षण करने पहुंचे से डायरेक्टर :बुधवार डायरेक्टर उमा महतो, सीनियर अकाउंटेंट अमर बिरूवा, असिस्टेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर अखिलेश कुमार, जेइइ जेम्स हांसदा, रोजगार सेवक रजनीकांत दास आसनबनी पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बन रहे डोभा, इंदिरा आवास आदि योजना का निरीक्षण करने पहुंचे थे. डायरेक्टर इससे पहले निरीक्षण करते की ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया.
डीएसपी व बीडीओ के समझाने के बावजूद नहीं माने रैयतदार:ग्रामीणों के साथ बैठक करने के बाद डीएसपी,बीडीओ और सीओ ने सड़क निर्माण कार्य में बाधा पहुंचा रहे तीन रैयतदारों के पास गये. उन्हें काफी समझाया, लेकिन रैयतदार नहीं माने. वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं.
रैयतदारों के विरोध से सड़क निर्माण अधूरा
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से कुलडिया से चतरो गांव तक 152.79 लाख से बनने वाली चार किमी सड़क का शुभारंभ 2014 में किया गया था. जिसे 2015 तक पूरा करने की बात कही गयी थी. कुलडिहा से तिलामुंडा गांव से कुछ दूर तक सड़क बनने के बाद तिलामुडा के तीन रैयतदारों के विरोध के बाद ठेकेदार ने कार्य अधूरा छोड़ दिया. इस सड़क के निर्माण नहीं होने से करीब 500 से भी अधिक परिवार के लोग परेशान हैं. वर्ष 2005 में प्रशासन ने रैयतदारों की जमीन का अधिग्रहण कर सड़क बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था.
ग्रामीणों ने चुनाव का भी किया था बहिष्कार
सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है. सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था. सड़क निर्माण नहीं होने के कारण कोई भी जनप्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी उक्त गांव में जाने को तैयार नहीं होते हैं.
अादेश के बाद बलपूर्वक बनायी जायेगी सड़क
मुसाबनी डीएसपी अजित कुमार विमल ने कहा कि तीन रैयतदारों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे समझने को तैयार नहीं हैं. मुआवजा भी दिया गया है. उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट डीडीसी को दिया गया है. डीडीसी के आदेश के बाद बलपूर्वक सड़क बनायी जायेगी. विकास कार्य में अगर कोई बांधा पहुंचाता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola