जमुआ में ग्रामीणों ने देवघर-दुमका मुख्य सड़क निर्माण कंपनी के कार्य स्थल पर किया हंगामा, कार्य बंद कराया

Updated:
विज्ञापन
जमुआ में ग्रामीणों ने देवघर-दुमका मुख्य सड़क निर्माण कंपनी के कार्य स्थल पर किया हंगामा, कार्य बंद कराया

कंपनी की लापरवाही से किसानों का खेत पानी में डूबा, खेतों में धान का बीज बर्बाद हुआ. किसानों ने मुआवजे की मांग की, कंपनी के आश्वासन के बाद ग्रामीण कार्य स्थल से हटे.

विज्ञापन

बासुकिनाथ. जरमुंडी प्रखंड पहरीडीह पंचायत के जमुवा नवाडीह गांव के लोगों ने बुधवार को एनएच-114ए रोड पर हंगामा किया. सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य को बंद करा दिया. लोगों ने बताया कि रोड निर्माण कंपनी की लापरवाही से धान की फसल का बिचड़ा खेतों में बर्बाद हो गया है. दर्जनों किसान के खेतों में बारिश का पानी भर जाने से धान बीज का बिचड़ा बाहर निकलने से पहले ही बर्बाद हो रहा है. रोड निर्माण कंपनी द्वारा पुल निर्माण नहीं कराये जाने व अधूरा छोड़ देने के कारण देवघर-दुमका मुख्य मार्ग जमुआ गांव के दक्षिण दिशा, करीब 25 एकड़ खेतों में 6-7 फीट पानी ठहर गया है. किसानों का खेत पानी में डूबा हुआ है. बताया कि गरीब किसानों को लाखों की क्षति हुई है. रोड निर्माण कंपनी एनएच-114ए के सामने लगभग 25-30 किसानों का खेत पानी में डूबा हुआ है. लगातार बारिश से खेत पानी में डूब गया है. ग्रामीणों ने बताया कि किसानों ने कंपनी के अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. लोगों ने जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर को इस संबंध में जानकारी दी. इसके बाद विधायक के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार जमुआ गांव पहुंचे. पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल व सीओ संजय कुमार को गांव बुलाया तथा समस्या के निदान की पहल करने की बात कही.

ग्रामीण चार घंटे तक धरना पर बैठे रहे :

आक्रोशित ग्रामीण कार्यस्थल पर धरना पर बैठ गये. समस्या निदान होने तक धरना पर बैठने की बात कही. करीब चार घंटे तक ग्रामीण धरना पर बैठे रहे. पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल, विधायक प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत किया. कार्यस्थल पर कंपनी के अधिकारी को बुलाकर पुल निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए किसानों के खेतों से अविलंब पानी को बाहर निकालने का निर्देश दिया. वैसे किसान, जिसका धान बीज बर्बाद हुआ है, उसे मुआवजा देने की बात कही. कंपनी के अधिकारी वरुण दुबे से बातचीत होने के बाद अधिकारी ने दो दिन का समय मांगते हुए मुआवजा देने व खेतों से पानी बहार निकालने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण कार्य स्थल से वापस लौटे. मौके पर पहरीडीह की मुखिया पार्वती देवी, उपमुखिया मुकेश यादव, श्याम राय, प्रवीण, संदीप कुमार, ग्राम प्रधान, वार्ड पार्षद एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Anand Jaswal

लेखक के बारे में

By Anand Jaswal

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola