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श्रावणी मेला : बाबा की भक्ति से सराबोर दिखा बासुकिनाथ धाम

Updated at : 31 Jul 2025 8:16 PM (IST)
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श्रावणी मेला : बाबा की भक्ति से सराबोर दिखा बासुकिनाथ धाम

तीन बजे भोर से ही मंदिर प्रांगण में कांवरियों की भीड़ लगी थी. फौजदारी दरबार न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह उनकी अटूट आस्था और विश्वास का भी प्रतीक है. सरकारी पूजा के बाद गर्भगृह का पट कांवरियों के जलार्पण के लिए खोल दिया गया.

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राजकीय श्रावणी मेला. सावन के 21वें दिन 1.14 लाख कांवरियों ने किया अरघा से जलार्पण

प्रतिनिधि, बासुकिनाथ

राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 21वें दिन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. बाका की भक्ति का अद्भुत संगम चहुंओर दिख रहा है. सावन के महीने में बासुकिनाथ धाम भगवान शिव की भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दूर-दूर से आते हैं. तीन बजे भोर से ही मंदिर प्रांगण में कांवरियों की भीड़ लगी थी. फौजदारी दरबार न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह उनकी अटूट आस्था और विश्वास का भी प्रतीक है. सरकारी पूजा के बाद गर्भगृह का पट कांवरियों के जलार्पण के लिए खोल दिया गया. गर्भगृह में बाबा फौजदारी पर कतारबद्ध होकर अरघा में जलार्पण कर रहे हैं. बोल-बम के नारे से गुंजायमान है. शिवगंगा घाट व मेला परिसर कांवरियों से पटा दिखा. मंदिर प्रबंधन के अनुसार 1.14 लाख कांवरियों ने अरघा से जलार्पण किया. कतारबद्ध होकर महिला-पुरुष कांवरियों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. कांवरियों की कतार दर्शनियाटीकर रिंग रोड होते हुए शिवगंगा, क्यू कॉम्प्लेक्स, फलाहारी धर्मशाला व संस्कार मंडप होते हुए मंदिर प्रांगण में प्रवेश किया. देश के विभिन्न भागों से प्रतिदिन शिवभक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालुओं को भक्ति से सराबोर होकर बोलबम बोलबम के जयकारों व हर-हर महादेव के नारों के उद्घोष से संपूर्ण बासुकिनाथ क्षेत्र गूंज रहा है. ऊमस भरी गरमी धूप छांव के बीच शिवभक्त कांवरिया मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ की भक्ति में पसीने से तर-बतर होकर नाच गा रहे थे. मंदिर परिसर बाबा के जयकारे से गुंजायमान रहा. मंदिर प्रबंधन के अनुसार 21,015 कांवरियों ने जलार्पण काउंटर में जल डाला. श्रद्धालु एलइडी में भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का दर्शन कर काउंटर पर गंगाजल अर्पित किया. काउंटर से गंगाजल पाइप लाइन द्वारा सीधे बाबा के शिवलिंग पर गिरता है. कांवरिया काउंटर में जलार्पण की व्यवस्था को इंटरनेट जलार्पण भी कहते हैं.

मंदिर को 18,30,844 रुपये की हुई आमदनी

शिव मंदिर न्यास परिषद बासुकिनाथ को श्रावणी मेला के 21वें दिन 18,30,844 रुपये की आमदनी प्राप्त हुई. मंदिर प्रांगण स्थित विभिन्न दानपेटी से 2,89,400 रुपये नकद, मंदिर गर्भगृह गोलक से 56,400 रुपये, गोलक से 280 ग्राम चांदी तथा अन्य स्रोतों से 5044 रुपये प्राप्त हुए. मंदिर गर्भगृह गोलक से निकले राशि की गिनती मंदिर प्रशासनिक भवन में सीसीटीवी के निगरानी में अधिकारी के समक्ष की गयी. मंदिर में चढ़ावे में आनेवाले सोने व चांदी से सिक्के को बनाये जाते हैं.

4,936 कांवरियों ने किया शीघ्रदर्शनम

शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत गुरुवार को 4,936 श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ की सुलभ जलार्पण किया. इस व्यवस्था के तहत शिव मंदिर न्यास परिषद को 18 लाख 30 हजार 844 रुपये की आमदनी हुई. शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के तहत कांवरियों को मंदिर कार्यालय से 300 रुपये का टोकन लेना पड़ता है, उसके बाद सिंह द्वार से श्रद्धालु को मंदिर प्रांगण में प्रवेश दिया जाता है. मंदिर प्रांगण स्थित विशेष द्वार से श्रद्धालु मंदिर गर्भगृह में प्रवेश कर सुलभ जलार्पण करते हैं. मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था से कांवरिया खुश दिखे.

मेला क्षेत्र में तीसरी आंख की है नजर

मंदिर व इसके आसपास 750 सीसीटीवी के मदद से अधिकारी मेला क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं. मंदिर प्रशासनिक भवन के कंट्रोल रूम बनाया गया है. नियंत्रण कक्ष में एलइडी सीसीटीवी लगाया गया है. इसकी मदद से मंदिर व मेला क्षेत्र के प्रत्येक गतिविधियों पर वरीय अधिकारी नजर रखे है. कंट्रोल रूम में सीसीटीवी के मदद से मंदिर व मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाये हैं. अधिकारियों की देखरेख में बाबा फौजदारीनाथ का जलार्पण किया जा रहा है.

नेपाल के कांवरियों ने बाबा को किया जलार्पण

बासुकिनाथ. नेपाल बीरगंज से गुरुवार को कांवरियों की टोली बाबा फौजदारीनाथ दरबार पहुंची. श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ पर जलार्पण कर सुख-समृद्धि की कामना की. कांवरिया संजय कुमार, मनोरमा देवी, देवकुमार थापा आदि ने बताया कि पिछले सात वर्षों बासुकिनाथ पहुंच कर जलार्पण करते रहे हैं. उतरवाहिनी गंगा से जल लाकर पहले बैद्यनाथधाम में किया. फिर बासुकिनाथ पहुंचकर सुगमतपूर्वक भोलेनाथ की पूजा की. भोलेनाथ दयालु हैं. वे सबकी सुनते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND JASWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

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