सीएनटी-एसपीटी में संशोधन के लिये भाजपा व झामुमो भी जिम्मेदार

Published at :19 Dec 2016 4:51 AM (IST)
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सीएनटी-एसपीटी में संशोधन के लिये भाजपा व झामुमो भी जिम्मेदार

दुमका : झारखंड पीपुल्स पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन को लेकर भाजपा नीत सरकार और मुख्य विपक्षी दल झामुमो को समान रूप से जिम्मेवार ठहराया है. श्री बेसरा परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल झामुमो […]

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दुमका : झारखंड पीपुल्स पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन को लेकर भाजपा नीत सरकार और मुख्य विपक्षी दल झामुमो को समान रूप से जिम्मेवार ठहराया है. श्री बेसरा परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल झामुमो ने सदन में इस एक्ट में संशोधन का जोरदार विरोध नहीं किया

और सरकार को विधेयक को पारित करने से रोक पाने में पूरी तरह विफल रही. यही वजह थी कि महज तीन मिनट में यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि बिरसा भगवान के उलुगुलान और सिदो-कान्हु के नेतृत्व में हुए संताल व्रिदोह के बाद दोनों एक्ट अस्तित्व में आये थे. जल, जंगल, जमीन के लिए यह कानून रक्षा कवच है. इन एक्ट में संशोधन से राज्य के आदिवासियों को अस्तित्व मिट जायेगा.

श्री बेसरा ने कहा कि इससे आमलोगों में गहरा आक्रोश है. विरोध का ज्वालामुखी कभी विस्फोट कर सकता है. सरकार को आमलोगों के आक्रोश का खामियाजा भुगतना होगा. श्री बेसरा ने कहा कि संविधान में 9वीं अनुसूची में किये गये प्रावधान के आधार पर सामान्य विधि के तहत दोनों कानूनों में बदलाव या परिवर्तन नहीं किया जा सकता है. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा 11 जनवरी 2007 में दिये गये एक फैसले का हवाला देते हुए बताया कि इस फैसले के मुताबिक सीएनटी एक्ट व एसपीटी एक्ट में किसी तरह का छेड़छाड़ अथवा संशोधन नहीं किया जा सकता है और इस फैसले का किसी अदालत में चुनौती भी नहीं दी जा सकती है. राज्य सरकार ने दोनों एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव पारित कर संविधान और न्यायालय के आदेश का अवमानना किया है. उन्होंने इसी क्रम में दोनों कानूनों की रक्षा के लिए पूरे राज्य में एक बार फिर से जोरदार आंदोलन शुरू किया जायेगा.

श्री बेसरा ने कहा कि सामाजिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से पूरे राज्य में राज्य की भाजपा सरकार के इस फैसले के खिलाफ भाजपा झारखंड छोड़ो और मुख्यमंत्री रघुवर दास कुर्सी छोड़ो का अभियान शुरू कर दिया गया है. उनकी पार्टी अन्य सामाजिक संगठनों के साथ ग्राम सभा को जागरूक करने के लिए सक्रिय अभियान चलायेगी. उन्होंने कहा कि परम्परागत ग्रामसभा से दोनों कानूनों की रक्षा करने में विफल राज्य के सभी विधायकों से इस्तीफा देने के दवाब डालने का आह्वान किया जायेगा.

श्री बेसरा ने बीते दिन एसपी कॉलेज छात्रावास में प्रशासन द्वारा छात्रों को प्रताड़ित किये जाने का आरोप लगाते हुए निर्दोष छात्रों के विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने की मांग की. उन्होंने बताया कि वे खुद छात्रावास जाकर छात्रों की समस्याओं से रूबरू हुए है. वे गृह सचिव से मिलेंगे और पूरी बात रखेंगे. इस मौके पर झापीपा के महासचिव प्रेम चन्द्र किस्कू, पार्टी नेता स्टीफन सोरेन, झारखंड आंदोलनकारी मंच के नेता अशोक मुर्मू के साथ काफी सख्या में छात्र समन्वय समिति के छात्र भी मौजूद थे.

जेपीपी संस्थापक सूर्य सिंह बेसरा सरकार व विपक्ष पर बरसे
दुमका परिसदन में पत्रकारों को संबोधित करते झारखंड पीपुल्स पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्व विधायक सूर्य सिंह से बेसरा.
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