दो शिक्षकों के भरोसे 223 बच्चों का भविष्य

Published at :14 Dec 2016 6:05 AM (IST)
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दो शिक्षकों के भरोसे 223 बच्चों का भविष्य

विडंबना . भगवान भरोसे संचालित है मध्य विद्यालय वृंदावनी सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने का नाम नहीं ले रही है. जबकि शिक्षा योजनाओं पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. हालात यह है कि कई स्कूलों में शिक्षकों की घोर कमी है. इस कारण पठन-पाठन का […]

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विडंबना . भगवान भरोसे संचालित है मध्य विद्यालय वृंदावनी

सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने का नाम नहीं ले रही है. जबकि शिक्षा योजनाओं पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. हालात यह है कि कई स्कूलों में शिक्षकों की घोर कमी है. इस कारण पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है.
रानीश्वर : रानीश्वर का मध्य विद्यालय वृंदावनी दो प्रतिनियुक्त शिक्षकों के भरोसे चल रहा है. यहां आठ शिक्षक के पद सृजित है़ं दो साल पहले पदस्थापित एकमात्र शिक्षक पवन कुमार ठाकुर का स्थानांतरण हो जाने के बाद से ही स्कूल शिक्षक विहीन है. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दो पारा शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर किसी तरह स्कूल संचालित हो रहा है.
इस स्कूल में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बाथानबेड़ा की पारा शिक्षिका मिरूदी टुडू को तथा मध्य विद्यालय तरणी की पारा शिक्षिका वायलट टुडू को प्रतिनियुक्त कर वृंदावनी स्कूल का सचिव बनाया गया है़ स्कूल में कक्षा एक से आठ तक 223 बच्चे नामांकित है.मंगलवार को दिन के 10:00 बजे स्कूल के बाहर बच्चे खेल रहे थे़ प्रतिनियुक्त पारा शि भी स्कूल नहीं पहुंची थी़ जबकि नये समयानुसार स्कूल का समय सुबह 9:00 बजे से 3:00 बजे तक है़
कुछ छात्रों ने बताया कि शिक्षक के अभाव में पढ़ाई नहीं हो पाती है़ पारा शिक्षक के हड़ताल पर रहने के समय स्कूल संयोजिका के भरोसे संचालित होता था़ उस समय संयोजिका के पति विमल टुडू के द्वारा बच्चों को एमडीएम के बदले सिर्फ कच्चा अंडा दिया जा रहा था. तब मामले में बीइइओ ने संयोजिका को तत्काल निलंबित कर दिया था. वर्त्तमान में उप संयोजिका के द्वारा खाना दिया जाता है़ स्कूल में लंबे समय से शिक्षक पदस्थापित नहीं किये जाने से स्कूल प्रबंधन समिति व अभिभावकों में रोष है़ अभिभावकों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है़
सरकार स्कूल के विकास के लिए दिन प्रतिदिन तरह तरह की घोषणायें करती रहती है, पर दो सालों से भी अधिक समय से स्कूल शिक्षक विहीन है़ इस पर सरकार की नजर नहीं है़
अब्दुल जब्बार, अभिभावक, वृंदावनी
इस इलाके का वृंदावनी मध्य विद्यालय पुराना विद्यालय है़ झारखंड अलग राज्य बनने के बाद स्कूल की स्थिति दयनीय होती जा रही है़ इसकी सुधि लेनेवाला भी कोई नहीं है़
सरताज अंसारी, अभिभावक, वृंदावनी
हमलोगों के पास ज्यादा पैसा भी नहीं है कि अपने बच्चों को बाहर रखकर पढ़ा सके़ गांव में स्कूल है़ सभी ने यहीं से पढ़ाई की है़ पर आज इस स्कूल में पठन-पाठन जैसी चीज ही नहीं रह गयी.सरकार और प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए. ताकि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सके.
नाजिर अंसारी, अभिभावक, वृंदावनी
शिक्षक विहीन स्कूल में बार बार शिक्षक पदस्थापित के लिए अनुरोध किया जाता है़ लेकिन अधिकारी ग्रामीणों के अनुरोध पर पहल नहीं कर रहे है़ं इस कारण क्षेत्र के बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है.
अब्दुल मजीद, अभिभावक, वृंदावनी
विभागीय अधिकारियों के लापरवाही के कारण वृंदावनी स्कूल का हाल बेहाल है़ यहां के बच्चों का भविष्य शिक्षक के अभाव में अंधकारमय हो रहा है़
अब्दुल उहाव, अध्यक्ष स्कूल प्रबंधन समिति
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