होटल इंडस्ट्री पर कोरोना का कहर

Published at :14 Apr 2020 1:21 AM (IST)
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होटल इंडस्ट्री पर कोरोना का कहर

धनबाद : लॉकडाउन का असर सबसे ज्यादा होटल इंडस्ट्री पर पड़ा है. कोरोना वायरस के चर्चा के साथ ही होटल में गेस्ट का आना कम हो गया था. मार्च एंडिंग में सबसे ज्यादा यहां होटल में बुकिंग रहती है. लेकिन इस बार मात्र 25 प्रतिशत ही बुकिंग थी. 22 मार्च को जनता कर्फ्यू उसके बाद […]

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धनबाद : लॉकडाउन का असर सबसे ज्यादा होटल इंडस्ट्री पर पड़ा है. कोरोना वायरस के चर्चा के साथ ही होटल में गेस्ट का आना कम हो गया था. मार्च एंडिंग में सबसे ज्यादा यहां होटल में बुकिंग रहती है. लेकिन इस बार मात्र 25 प्रतिशत ही बुकिंग थी. 22 मार्च को जनता कर्फ्यू उसके बाद लॉक डाउऩ से होटल इंडस्ट्री का कारोबार ठप है. लॉक डाउन कब तक रहेगा, यह स्पष्ट नहीं है. स्टाफ पेमेंट, फिक्सड बिजली बिल, बैंक इंटरेस्ट से होटल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों का टेंशन बढ़ गया है. धनबाद में सोनोटेल, सेवेंटिन डिग्री, स्काइलॉर्क, कुकुन सहित 95 होटल व 120 रेस्टोरेंट हैं. लगभग 25 होटल में रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल व बार की सुविधा है. धनबाद में होटल इंडस्ट्री में प्रतिमाह लगभग 20 करोड़ का कारोबार होता है. 21 दिनों के लॉक डाउन से लगभग 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है.

यहां मुंबई, गुजरात, दिल्ली व नागपुर के ज्यादा गेस्ट अाते हैं. धनबाद के होटलों में कॉरपोरेट मीटिंग ज्यादा होती है. सीएम आआइ व डीजीएमएस के काम से दूसरे राज्य से माइंस से जुड़े लोग भी यहां अाते रहते हैं. अप्रैल व मई की बुकिंग कैंसिल, जून में रख रहें डेटहोटल में शादी की बुकिंग को लोग कैसिल करा रहे हैं. अप्रैल व मई में जो बुकिंग थी उसे बढ़ाकर जून में कर दिया गया है. होटल स्काईलॉर्क के महाप्रबंधक की मानें तो अप्रैल में तीन व मई में दो बुकिंग थी, उसे कैंसिल कराकर लोग जून में डेट रख रहे हैं. होटल सोनोटेल के प्रबंधक आरके घोष ने बताया कि अप्रैल व मई में शादी की सात बुकिंग कैंसिल हो गयी है. जून में डेट रखने पर लोग विचार कर रहे हैं. लेकिन लगता है जून में भी स्थिति में सुधार नहीं होगी.

सरकार को रियायत देनी चाहिए : बाकची

होटल स्काईलॉर्क के महाप्रबंधक आनुतोष बाकची ने कहा कि जो स्थिति है उससे तो यही लगता है कि सितंबर के पहले होटल का कारोबार ठीक नहीं होगा. मार्च तक स्टाफ का पेमेंट तो कर दिया गया. होटल में 80 स्टाफ है. कुछ चले गये हैं. कुछ होटल में रह रहे हैं. कारोबार बंद है. अप्रैल का स्टाफ पेमेंट, बिजली बिल व अन्य टैक्स को लेकर चिंता बनी हुई है. सरकार को लॉकडाउन के दौरान बिजली का फिक्सड चार्ज, बैंक इंटरेस्ट में रियायत देना चाहिए ताकि होटल इंडस्ट्री फिर से खड़ा हो सके.

शून्य काल के दौर से गुजर रहा होटल : खेमका

सेवेंटिन डिग्री के संचालक संजय खेमका ने कहा कि होटल शून्य काल के दौर से गुजर रहा है. कब लॉक डाउन खुलेगा, पता नहीं. होटल इंडस्ट्री को फिर से खड़ा होने में सरकार को भी भागीदारी निभानी होगी. जब तक लॉकडाउन रहेगा, बिजली का फिक्सड चार्ज व बैंक के इंटरेस्ट में रियायत सरकार दे. सरकार का कहना है कि वर्कर का पैसा नहीं काटा जाये. यह कब तक चलेगा. जो स्थिति है सितंबर के पहले होटल इंडस्ट्री पटरी पर नहीं आ पायेगी.

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