Dhanbad News: कागजों में सिमटी ‘गुड सेमेरिटन’ योजना: मददगारों को नहीं मिला सम्मान

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छह साल में एक गुड सेमेरिटन मिला, पर प्रोत्साहन राशि लेने के पहले चला गया दुबई.

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सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने के लिए सरकार ने “ गुड सेमेरिटन पॉलिसी-2020” लागू की थी, ताकि गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को सम्मान व प्रोत्साहन राशि दी जा सके. धनबाद में यह योजना विभागीय लापरवाही व कमजोर प्रचार-प्रसार के कारण अब तक सफल नहीं हो सकी है. स्थिति यह है कि रोजाना सड़क हादसों में कई लोग मानवता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाते हैं, लेकिन आज तक किसी को भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया.

एक को मिला, लेकिन वह भी लेने के पहले चला गया दुबईजानकारी के अनुसार, पिछले छह साल में जिले में केवल एक व्यक्ति को “गुड सेमेरिटन” के रूप में चिह्नित किया गया था, लेकिन वह प्रोत्साहन राशि लेने से पहले ही दुबई चला गया. वहीं छह अप्रैल 2026 को एलसी रोड स्थित यूनियन क्लब के बाहर हुई सड़क दुर्घटना में हीरापुर चीरागोड़ा निवासी रंजन राव बुरी तरह घायल हो गये थे. वहां मौजूद असीत कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने तुरंत उन्हें अस्पताल में पहुंचाया, जिससे घायल व्यक्ति की जान बच गयी. पप्पू सिंह ने विभाग को इस संबंध में पत्र लिखा है. विभाग उस पर विचार कर रहा है.

क्या है नियम

सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है. दो लोगों द्वारा मदद करने पर दोनों को अलग-अलग राशि दी जानी है, जबकि दो से अधिक लोगों के मामले में 5000 रुपये की राशि बांटने का नियम है. पुलिस या अदालत में बुलाने पर रोज 1000 रुपये भत्ता देने और इलाज में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है.

जिला के सात सामुदायिक केंद्रों को उपलब्ध है राशि

जिला परिवहन कार्यालय के सड़क सुरक्षा कोष से जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को राशि आवंटित की जाती है, लेकिन अस्पताल व पुलिस प्रशासन की लापरवाही से मददगारों की पहचान ही नहीं हो पाती है. कई मामलों में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति बिना किसी औपचारिकता के लौट जाते हैं. अस्पताल प्रबंधन और पुलिस भी उनका विवरण दर्ज करने में गंभीरता नहीं दिखाते. नियम के अनुसार, अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी को घायल को पहुंचाने वाले व्यक्ति का सत्यापन कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और परिवहन विभाग को रिपोर्ट भेजनी होती है. इसके बाद संबंधित व्यक्ति को प्रमाण पत्र और प्रोत्साहन राशि दी जाती है. लेकिन अधिकतर अस्पतालों को इस प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं है.

15 माह में 313 लोगों की हो चुकी है मौत

धनबाद में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा बहुत ज्यादा है. जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. विभाग के आंकड़ाें के अनुसार इन 15 माह में 494 सड़क हादसे हुए हैं. इनमें 313 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 161 लोग घायल हुए हैं. सिर्फ वर्ष 2025 में ही 391 सड़क हादसे हुए हैं. जिनमें 240 की मौत व 135 लोग घायल हुये हैं. जबकि वर्ष 2026 के जनवरी से मार्च तक कुल 103 सड़क हादसों में 73 लोगों की मौत व 26 घायल हो चुके हैं.

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आशीष कुमार

लेखक के बारे में

By आशीष कुमार

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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