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पूर्व वीसी के कार्यकाल में हुए काम का भुगतान फंसा, विवि का चक्कर लगा रहे संवेदक

Updated at : 01 Jun 2024 1:08 AM (IST)
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पूर्व वीसी के कार्यकाल में हुए काम का भुगतान फंसा, विवि का चक्कर लगा रहे संवेदक

बीबीएमकेयू : कैंटीन आवंटन मामले की जांच कर रही कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

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वरीय संवाददाता, धनबाद,

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो शुकदेव भोइ के कार्यकाल में हुए काम का भुगतान रोक दिया गया है. वह काम करने वाले ठेकेदार और सप्लायर अब विवि का चक्कर लगा रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रो भोई के कार्यकाल के दौरान हुए इन कार्यों को तय नियमों का उल्लंघन कर आवंटित किया गया था. इसलिए भुगतान को रोक दिया गया है. जिन कार्यों का भुगतान रोका गया है, उनमें सबसे बड़ा भुगतान कुलपति आवास में सर्वेंट क्वार्टर और चहारदीवारी का निर्माण का है. साथ ही सीनेट हॉल के लिए आपूर्ति किये गये फर्नीचर का भुगतान शामिल है.

कुलपति आवास के लिए हुए टेंडर में थी गड़बड़ी :

कुलपति आवास में सर्वेंट क्वार्टर और चहारदीवारी के निर्माण के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया था. पहले सिर्फ सर्वेंट क्वार्टर के लिए टेंडर जारी किया गया था. इसमें सिर्फ एक संवेदक ने हिस्सा लिया था. नियमत: जिस टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ एक संवेदक हिस्सा लेता है, उसे रद्द कर दिया जाता है. लेकिन उसे वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है. बाद में कुलपति आवास के पास चहारदीवारी और गेट लगाने का काम भी उसी संवेदक को बिना किये आवंटित कर दिया गया. काम के दौरान संवेदक नौ लाख रुपये का भुगतान किया गया था. संवेदक ने विवि को करीब 19 लाख रुपये का बिल दिया है. फिलहाल उसके 10 लाख रुपये के भुगतान पर रोक है. प्रो शुकदेव भोई के कार्यकाल में विवि प्रशासनिक भवन में स्थित सीनेट हॉल के लिए करीब पांच लाख रुपये के फर्नीचर की खरीददारी की गयी थी. लेकिन आज तक इसका भुगतान नहीं किया गया है.

कैंटीन आवंटन में हुई गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट सौंपी :

विवि परिसर में कैंटीन आवंटन में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए गठित कमेटी ने कुलपति प्रो पवन कुमार पोद्दार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. कमेटी में प्रॉक्टर अजीत कुमार और सीसीडीसी डॉ आरके तिवारी शामिल थे. बताया जा रहा है कि जांच कमेटी ने कैंटीन आवंटन के लिए अपनायी गयी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. इस बात का भी उल्लेख किया है कि जिस स्थान पर कैंटीन बने हैं, यह स्थान इसके लिए आवंटित नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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