Dhanbad News : जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया सरायढेला थानेदार का वेतन रोकने का आदेश
Published by : NARENDRA KUMAR SINGH Updated At : 22 Aug 2025 1:58 AM
अदालत से : बिल्डर के खिलाफ दो बार जारी किया गया डिस्ट्रेस वारंट, थानेदार ने नहीं किया तामिला
जिला उपभोक्ता आयोग धनबाद के अध्यक्ष ललित प्रकाश चौबे व सदस्य शिप्रा की खंडपीठ ने एक इजराय वाद में सुनवाई करते हुए 19 अगस्त को ट्रेजरी ऑफिसर धनबाद को पत्र भेज कर सरायढेला थानेदार का वेतन रोकने का आदेश दिया है. बताते चलें कि आयोग द्वारा विपक्षी राजेंद्र कुमार दास प्रोपराइटर नारायणी बिल्डर्स सीसीडबलूओ सरायढेला के खिलाफ दो बार एसएसपी धनबाद के मार्फत डिस्ट्रेस वारंट जारी किया गया. आयोग द्वारा विपक्षी की गिरफ्तारी के लिए दोनों डिस्ट्रेस वारंट को थाना प्रभारी सरायढेला को भेजा गया, लेकिन पुलिस बिल्डर को गिरफ्तार नहीं कर रही है और न ही डिस्ट्रेस वारंट का तामिला रिपोर्ट ही आयोग को सौंप रही है. जिला उपभोक्ता आयोग ने 9 जनवरी 2025 को पहला डिस्ट्रेस वारंट और 23 जुलाई 2025 को दूसरा डिस्ट्रेस वारंट जारी किया था.
क्या है मामला :
परिवादी हाउसिंग कॉलोनी धनबाद निवासी टिंकू कुमार सिन्हा ने डुप्लेक्स मकान के लिए 5 लाख रुपए विपक्षी राजेंद्र कुमार दास प्रोपराइटर नारायणी बिल्डर्स को दिया था. विपक्षी ने परिवादी को न तो डुप्लेक्स मकान ही दिया और न ही उसको पांच लाख रुपए ही वापस किया. तब बाध्य होकर परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग में विपक्षी के खिलाफ उपभोक्ता वाद संख्या 80/22 दायर किया. जिला उपभोक्ता आयोग धनबाद ने इस मामले में 5 जून 2024 को परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विपक्षी राजेंद्र कुमार दास बिल्डर्स को आदेश दिया कि वह परिवादी को पांच लाख रुपए 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान कर दे. जब विपक्षी ने परिवादी को उक्त राशि का भुगतान नहीं किया, तब परिवादी टिंकू कुमार सिन्हा ने पारित आदेश का अनुपालन कराने हेतु जिला उपभोक्ता आयोग धनबाद में इजराय वाद संख्या 14/24 दायर किया है.जिला उपभोक्ता आयोग ने सर्विस सेंटर को दिया 12000 रुपये भुगतान करने का आदेश
जिला उपभोक्ता आयोग धनबाद के अध्यक्ष ललित प्रकाश चौबे व सदस्य शिप्रा की खंडपीठ ने एक उपभोक्ता वाद में अपना फैसला सुनाया. आयोग ने विपक्षी डायरेक्टर ऑथराइज्ड ऑफिसर मेसर्स रिलायबल इंडस्ट्रीज यूनिट 2 कोलाकुसमा थाना सरायढेला धनबाद को आदेश दिया कि वह आदेश पारित होने के दो माह के अंदर परिवादी कार मालिक हाउसिंग कॉलोनी निवासी संजय कुमार चमरिया को 12000 रुपये का भुगतान कर दे. आयोग ने विपक्षी को सेवा में कमी, जो मुआवजा के तौर पर 10 हजार तथा वाद खर्च के रूप में दो हजार रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया है. यदि विपक्षी द्वारा निर्धारित अवधि में कुल रकम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो उन्हें 10% वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना पड़ेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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