Dhanbad News : अब आरओ वाटर प्लांट के लिए लाइसेंस अनिवार्य, प्रत्येक तीन माह में सरकारी लैब से पानी का होगा टेस्ट

Updated at : 01 Mar 2025 1:36 AM (IST)
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Dhanbad News : अब आरओ वाटर प्लांट के लिए लाइसेंस अनिवार्य, प्रत्येक तीन माह में सरकारी लैब से पानी का होगा टेस्ट

नगर विकास एवं आवास विभाग ने जारी की अधिसूचना, बगैर लाइसेंस के आरओ प्लांट चलाने पर लगेगा 50 हजार जुर्माना, प्लांट होगा सील

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आरओ वाटर प्लांट के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है. प्रत्येक तीन माह में आरओ वाटर की सरकारी लैब से टेस्टिंग होगी. इसकी रिपोर्ट नगर निगम को उपलब्ध करानी होगी. बिना लाइसेंस के आरओ प्लांट चलाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. साथ ही प्लांट सील किया जायेगा. नगर विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. जारी अधिसूचना के आधार पर धनबाद नगर निगम ने आरओ प्लांट का सर्वे शुरू कर दिया है. इसके बाद नियमों के आधार पर आरओ प्लांट चलाने की अनुमति दी जायेगी. नगर निगम अधिकारी के मुताबिक आरओ वाटर प्लांट चलाने के लिए पांच हजार रुपये निबंधन शुल्क और 20 हजार रुपये वार्षिक शुल्क लगेगा. ड्राई जोन में किसी भी वाटर प्लांट को लाइसेंस नहीं दिये जायेंगे.

ड्राइ जोन में नहीं बनेगा आरओ वाटर प्लांट :

ड्राइ जोन जहां पानी के लिए लोगों को गर्मी के दिनों में परेशानी होती है, वहां किसी भी वाटर प्लांट को संचालित करने का लाइसेंस नहीं दिया जायेगा. धनबाद में लगभग 300 आरओ वाटर प्लांट चल रहे हैं. प्राय: आर ओ वाटर प्लांट संचालकों के पास लाइसेंस नहीं है. नये नियम से सभी को आरओ वाटर प्लांट का लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है.

आरओ वाटर प्लांट के निबंधन के लिए जरूरी कागजात :

व्यक्तिगत मामले में सिर्फ आधार कार्ड, कंपनी या फर्म मामले में रजिस्ट्रेशन का कागजात, बिजली बिल, होल्डिंग रसीद, केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकार का एनओसी व रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कागजात जमा करना होगा. सारे कागजातों की जांच के बाद नगर निगम संबंधित प्लांट को लाइसेंस जारी करेगा.

इन कैटेगरी को दिये जायेंगे लाइसेंस

सेफ जोन- जहां पानी की किल्लत नहीं है, वहां लाइसेंस आसानी से दिये जायेंगे. सेमी क्रिटिकल जोन- मार्च 2026 तक प्लांट संचालन के लिए लाइसेंस दिये जायेंगे.

क्रिटिकल जोन- मार्च 2025 के लिए लाइसेंस जारी किये जायेंगे.

संचालन के लिए नियम व शर्तें

– जल आपूर्ति अभिकरण द्वारा प्रत्येक तीन माह में राज्य प्रयोगशाला या अन्य सरकारी संस्था से लैब टेक्ट कराना होगा.

– आरओ वाटर के लिए मात्र बोरिंग या कुआं का पानी का उपयोग किया जायेगा.

-बोरिंग के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले बोरिंग गाड़ी को नगरपालिका में पंजीकृत होना अनिवार्य होगा. – जल आपूर्ति अभिकरण को वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) का निर्माण कराना अनिवार्य होगा.

-डिजीटल फ्लो मीटर लगाना व प्रत्येक दिन लॉग बुक का संचारण करना अनिवार्य होगा. -जलापूर्ति अभिकरण द्वारा पानी फिल्टर करने के उपरांत अनुपयोगी पानी के लिए भूजल पूर्णभरण पिट बनाना अनिवार्य होगा.

– झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011, झारखंड जल कार्य, जल अधिभार एवं जल संयोजन नियमावली 2020, केंद्रीय भूमि जल प्राधिकार की अधिसूचना एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का अनुपालन करना अनिवार्य होगा.

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