DAV स्कूल में 25 लाख के कथित गबन का मामला, निलंबित शिक्षक सेवा से मुक्त; आपराधिक केस की तैयारी
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धनबाद के डीएवी प्लस टू उच्च विद्यालय में 25 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है. स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में सहायक शिक्षक को सेवा से मुक्त कर दिया है. प्रबंधन आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की भी तैयारी कर रहा है.
धनबाद. कतरासगढ़ स्थित डीएवी प्लस टू उच्च विद्यालय में शुल्क राशि में करीब 25 लाख रुपये के कथित गबन के मामले में विद्यालय प्रबंधन ने कड़ा कदम उठाया है. विद्यालय के सचिव डॉ. देव चंद्र मिश्र ‘मृणाल’ ने सहायक शिक्षक (निलंबित) संतोष कुमार को सेवा से मुक्त करने का आदेश जारी किया है. प्रबंधन की ओर से जारी आदेश में शुल्क संग्रह की राशि बैंक खाते में जमा नहीं किये जाने समेत कई आरोप लगाये गये हैं.
11 मई तक राशि जमा नहीं करने का आरोप
विद्यालय सचिव की ओर से जारी आदेश में आरोप लगाया गया है कि कुछ बाहरी दबंग लोगों की मदद से विद्यालय के शुल्क संग्रहकर्ता लिपिकों ने विद्यालय की संचित राशि में से 11 मई तक एक रुपया भी बैंक खाते में जमा नहीं किया. प्रबंधन के अनुसार संबंधित राशि करीब 25 लाख रुपये है.
हालांकि, राशि के वास्तविक गबन, इसमें शामिल व्यक्तियों और आर्थिक नुकसान की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. उपलब्ध जानकारी में मामले को लेकर किसी स्वतंत्र जांच रिपोर्ट या न्यायिक निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है.
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एसएमसी की सख्ती के बाद कार्रवाई
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की ओर से मामले को गंभीरता से लिये जाने के बाद सचिव ने सेवा से मुक्त करने का आदेश जारी किया. आदेश में संबंधित मामले की प्रतिलिपि उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कतरास थाना प्रभारी और संबंधित बैंक प्रबंधकों समेत अन्य अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गयी है.
प्रबंधन की ओर से दस्तावेजों और बैंक लेनदेन के आधार पर मामले की जांच तथा जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गयी है.
आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी
विद्यालय प्रबंधन ने कथित गबन के मामले में अलग से आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही है. यदि प्राथमिकी दर्ज होती है, तो पुलिस जांच में शुल्क संग्रह, बैंक खातों में जमा राशि, संबंधित रिकॉर्ड और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा सकती है.
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
करीब 25 लाख रुपये की राशि से जुड़े आरोप के कारण मामला गंभीर माना जा रहा है. फिलहाल विद्यालय प्रबंधन के आदेश में लगाये गये आरोपों के आधार पर ही कार्रवाई की जानकारी सामने आयी है. आरोपित पक्ष का विस्तृत जवाब उपलब्ध नहीं है. मामले में पुलिस या संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय की कितनी राशि बकाया रही, राशि कहां गयी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
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