धनबाद में ई-रिक्शा चालकों में डर और नाराजगी, मोबाइल ऐप से गाड़ियां बंद करने का आरोप

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ई-रिक्शा. सांकेतिक तस्वीर (AI Image)

Dhanbad E-Rickshaw News: धनबाद में ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया है कि मोबाइल ऐप के कारण चलते वाहन बीच सड़क पर बंद हो रहे हैं. इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और चालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.

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धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट

Dhanbad E-Rickshaw News: धनबाद में ई-रिक्शा चलाने वालों के सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई है. आरोप है कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के जरिए चलते ई-रिक्शों को बीच सड़क पर ही बंद कर दे रहे हैं. इससे चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है. पीड़ित चालकों ने सरकार से ऐसे ऐप्स के दुरुपयोग पर रोक लगाने और ई-रिक्शों की साइबर सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है. 

मोबाइल ऐप्स का गलत इस्तेमाल

चालकों का आरोप है कि BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-ion जैसे मोबाइल ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शों की लिथियम बैटरी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी BMS से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होकर गाड़ी को बीच रास्ते में बंद किया जा रहा है। हालांकि ये ऐप मूल रूप से बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी देखने और प्रबंधन के लिए बनाए गए हैं, लेकिन अब इनके कथित दुरुपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं

चालकों ने सुनाई अपनी परेशानी 

पीड़ित चालकों का कहना है कि अचानक गाड़ी बंद होने से सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है और पीछे से आ रहे वाहनों से दुर्घटना का खतरा भी रहता है. कई चालक अब लंबी दूरी की बुकिंग लेने से भी बच रहे हैं. उनका कहना है कि इससे रोजगार प्रभावित हो रहा है और हर समय डर बना रहता है कि पता नहीं कब गाड़ी बीच रास्ते में बंद हो जाए. 

सुरक्षा पर सवाल 

यह मामला केवल एक मोबाइल ऐप के कथित दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम की साइबर सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है. अगर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पर्याप्त रूप से सुरक्षित नहीं हैं, तो भविष्य में ऐसे वाहनों में मजबूत एन्क्रिप्शन, सुरक्षित ऑथेंटिकेशन और बेहतर साइबर सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करना होगा, ताकि तकनीक लोगों की सुविधा बने, खतरा नहीं। वहीं, इस मामले में यह भी जरूरी है कि संबंधित कंपनियां और प्रशासन तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट करें कि ई-रिक्शों के बंद होने की वास्तविक वजह क्या है और यदि किसी प्रकार का दुरुपयोग हो रहा है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाए.

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श्वेता वैद्य

लेखक के बारे में

By श्वेता वैद्य

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

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