देवघर AIIMS में ECHS सेवा को हरी झंडी, झारखंड-बिहार के हजारों पूर्व सैनिकों को अब नहीं जाना होगा दिल्ली-रांची

देवघर एम्स की फाइल फोटो
Deoghar AIIMS: देवघर एम्स में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे और डायरेक्टर डॉ. नितिन गंगने ने दी जानकारी.
देवघर से अमरनाथ की रिपोर्ट
Deoghar AIIMS, देवघर: देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है. देवघर एम्स (AIIMS) में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) को जोड़ने की विभागीय प्रक्रिया तेज कर दी गई है. रक्षा मंत्रालय के रांची स्थित कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए देवघर एम्स की गवर्निंग बॉडी के पदेन सदस्य और गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने प्रबंधन को जल्द से जल्द इस सुविधा को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है. सांसद के हस्तक्षेप के बाद एम्स प्रशासन ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रक्षा मंत्रालय को अपनी रजामंदी का पत्र भेज दिया है.
पंजीकरण से लेकर ओपीडी तक प्राथमिकता
एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के लागू होते ही पूर्व सैनिकों के लिए अस्पताल में एक अलग सीनियर सिटीजन काउंटर से संबद्ध विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी. इसके तहत पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन), ओपीडी (OPD) पर्ची, और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श में पूर्व सैनिकों को कतार में नहीं लगना होगा. पैथोलॉजिकल जांच, रेडियोलॉजी और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में इलाज के लिए उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. यदि मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आती है, तो बेड आवंटन की प्रक्रिया अन्य सामान्य मरीजों की तरह ही रहेगी, लेकिन उनके पूरे इलाज को बेहद सुगम और त्वरित (फास्ट-ट्रैक) बनाया जाएगा ताकि देश के वीर जवानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े.
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झारखंड-बिहार के 7 से ज्यादा जिलों के जवानों को राहत
देवघर एम्स में ECHS नेटवर्क शुरू होने से न केवल देवघर, बल्कि दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ सहित पूरे संताल परगना और पड़ोसी राज्य बिहार के सीमावर्ती जिलों के हजारों पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को सीधा फायदा पहुंचेगा. अब तक इन परिवारों को बेहतर इलाज के लिए रांची, पटना या दिल्ली जैसे दूर-दराज के बड़े शहरों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक रूप से भारी परेशानी होती थी.
क्या कहते हैं जिम्मेदार पदाधिकारी और जन- प्रतिनिधि
“पूर्व सैनिकों ने देश की रक्षा में अपना अमूल्य योगदान दिया है, उन्हें बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. देवघर एम्स में ECHS की सुविधा शुरू होने से झारखंड और आसपास के राज्यों के हजारों पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी. हमारा प्रयास है कि यह सुविधा बिना किसी देरी के जल्द चालू हो.”
डॉ. निशिकांत दुबे, सांसद, गोड्डा
“पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रक्रिया अंतिम चरण में है. रांची स्थित रक्षा मंत्रालय के कार्यालय से लगभग सभी बिंदुओं पर लिखित सहमति बन चुकी है. मंत्रालय ने रेफरल की स्थिति में दूसरे संस्थान तक एंबुलेंस सुविधा देने का आग्रह किया है, फिलहाल तुरंत यह एंबुलेंस सेवा तो मुमकिन नहीं होगी, लेकिन भविष्य में हम यह सुविधा भी जरूर उपलब्ध कराएंगे.”
डॉ. नितिन गंगने, निदेशक, देवघर एम्स
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By Sameer Oraon
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