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पूर्व वीसी के पीए पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच

Updated at : 09 May 2024 2:16 AM (IST)
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पूर्व वीसी के पीए पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच

कल बीबीएमकेयू आयेगी राजभवन की टीम

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धनबाद.

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो शुकदेव भोइ के कार्यकाल में हुई गड़बड़ी अभी भी विवि का पीछा नहीं छोड़ रहा है. पूर्व कुलपति के कार्यकाल में उनके पीए डॉ सत्यम चटर्जी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए राजभवन की टीम शुक्रवार को विवि आ रही है. राजभवन विश्वविद्यालय निरीक्षक संजीव राय के नेतृत्व में टीम विवि आ रही है. श्री राय पूर्व कुलपति प्रो शुकदेव भोइ के कार्यकाल में उनके कार्यालय के कंटीजेंसी फंड से हुए लाखों का खर्च के साथ ही कुलपति आवास के गृहप्रवेश पर हुए करीब आठ लाख रुपये के खर्च की जांच करेंगे. राजभवन की ओर से कुलपति और कुलसचिव को टीम के आने की सूचना दे दी गयी है.

क्या है आरोप : डॉ सत्यम चटर्जी पर आरोप है कि वह पूर्व कुलपति के कार्यकाल में करीब 13 महीने तक पीए रहे थे. इस दौरान कुलपति कार्यालय के कंटीजेंसी फंड के मद से 10 लाख रुपये से अधिक पैसा खर्च किया गया था. जबकि नियमानुसार कुलपति कार्यालय को एक माह के कंटीजेंसी फंड के रूप में 50 हजार रुपये मिलते हैं. इसके साथ ही आरोप है कि पूर्व कुलपति प्रो भोइ के कार्यकाल में कुलपति आवास के गृहप्रवेश के लिए पूजा और पार्टी के नाम पर आठ लाख रुपये खर्च कर दिये गये थे. इस मामले में आरोप है कि गृहप्रवेश के दौरान हुए पार्टी में विवि के विभिन्न कॉलेजों द्वारा खाने-पीने का स्टॉल लगाया था. इसका पूरा खर्च कॉलेजों द्वारा ही उठाया गया था. इस मामले में आरोप है कि पार्टी का बिल अलग से पास करवाया गया था. पार्टी के लिए विवि द्वारा जो आठ लाख रुपये का भुगतान किया गया था, उसके लिए सारा बिल निरसा से प्राप्त किया गया था.

बता दें कि पूर्व कुलपति प्रो शुकदेव भोइ को भ्रष्टाचार के आरोप में राजभवन ने 13 अक्तूबर 2023 को पदमुक्त कर दिया था. उनके साथ ही तत्कालीन प्रॉक्टर, वित्त सलाहकार, वित्त अधिकारी और सीसीडीसी को पदमुक्त कर दिया था. इन पर आरोप है कि इन लोगों ने अपने कर्तव्य का सही से निर्वहन नहीं किया था. तब चर्चा थी कि उनके पीए के खिलाफ भी शिकायत है. लेकिन उस समय उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, लेकिन सात महीने बाद उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है. वहीं इस मामले की चर्चा दिन भर विवि में होती रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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