नीरज सिंह हत्याकांड : चार शूटरों की तलाश में लगे हैं चार थानेदार

Updated at : 18 Apr 2017 7:23 AM (IST)
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नीरज सिंह हत्याकांड : चार शूटरों की तलाश में लगे हैं चार थानेदार

धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में शामिल शूटरों की गिरफ्तारी व हथियार की बरामदगी 28 वें दिन सोमवार को भी नहीं हो सकी है. पुलिस मामले में ‌वांछित संतोष के अलावा शूटर पंकज, विजय व मोनू की गिरफ्तारी के लिए यूपी व बिहार में छापामारी कर रही है. […]

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धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में शामिल शूटरों की गिरफ्तारी व हथियार की बरामदगी 28 वें दिन सोमवार को भी नहीं हो सकी है. पुलिस मामले में ‌वांछित संतोष के अलावा शूटर पंकज, विजय व मोनू की गिरफ्तारी के लिए यूपी व बिहार में छापामारी कर रही है. जिले के चार-चार थानेदारों को अभियान में लगाया गया है.
पुलिस को संतोष के एक संबंधी के बारे में अहम जानकारी हाथ लगी है. संतोष पर ही शूटरों को बुलाकर लाने व डब्लू मिश्रा के सहयोग से कुसुम विहार में किराये के मकान में ठहराने का आरोप है. धनबाद पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से संतोष के संबधियों से लखनऊ में घंटो पूछताछ की है. पुलिस ने संतोष के संभावित ठिकाने व उसके अन्य संबंधियों की जानकारी ली है. पुलिस को संतोष से जुड़े दो अपराधियों का मोबाइल नंबर भी मिले हैं. मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस उसके दोनों सहयोगियों को लोकेट करने में लगी है. हालांकि पुलिस को सोमवार की रात तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.
इधर पुलिस हत्याकांड में कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए धनजी व संजय को रिमांड पर लेने की तैयारी में है. अनुसंधान को आगे बढ़ाते हुए पुलिस स्टील गेट के दर्जन भर दुकानदारों का बयान दर्ज कर चुकी है.
सियाराम का मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस : रंजय हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस मामा की खोज में नेपाल बोर्डर स्थित बिहार के एक जिले में कैंप कर रही है. पुलिस को सूचना मिली है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए संबंधित जिला में छुपा हुआ है. दूसरी ओर पत्नी से दहेज प्रताड़ना का केस लड़ रहे औरंगाबाद निवासी सियाराम सिंह के बारे में भी पुलिस छानबीन कर रही है. सियाराम की शादी सरायढेला में हुई है. पत्नी से विवाद के बाद केस चल रहा है.
सियाराम ने पत्नी को व्हाट्सएप कर रंजय की हत्या की धमकी दी थी. पुलिस को व्हाट्सएप का स्क्रीन शॉट मिल गया है. पुलिस सियाराम व उसके भाइयों के मोबाइल कॉल डिटेल निकाल रही है. जनवरी में दोनों भाइयों का लोकेशन कहां-कहां था. धनबाद में किन-किन लोगों से बात की है आदि जानकारी ली जा रही है. एक पुलिस अफसर को औरंगाबाद भेजा गया है.
विधायक के भाई मनीष को भी खतरा
खुफिया एजेंसी ने झरिया विधायक संजीव सिंह के अनुज मनीष सिंह पर भी खतरे की आशंका जतायी है. जिला पुलिस को भी इससे अवगत कराया गया है. मनीष को भी सतर्क रहने को कहा गया है. नीरज हत्याकांड के बाद वर्चस्व को लेकर विवाद में मनीष को निशाना बनाया जा सकता है. मनीष ही विधायक की अनुपस्थिति में जनता मजदूर संघ की कमान संभाले हुए हैं. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार मनीष को बाहर निकलने पर खतरा हो सकता है. मनीष को फिलहाल बाहर या किसी सार्वजनिक जगह पर जाने से परहेज करने को कहा गया है.
स्थानीय पुलिस को भी निकलते व लौटने की सूचना देने को कहा गया है. सुरक्षा के मद्देनजर जिला पुलिस की ओर से विधायक के बॉडीगार्ड को फिलहाल मनीष के साथ अटैच कर दिया गया है. खुफिया एजेंसी ने विधायक के अन्य परिजनों पर भी खतरे की आशंका जतायी है.
सुरक्षा के लिए एसएसपी से मिले डिप्टी मेयर : इधर, डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह ने सोमवार को एसएसपी मनोज रतन चोथे से उनके आवासीय कार्यालय में मुलाकात की. डिप्टी मेयर ने अपने अग्रज नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में नामजद बाकी लोगों की गिरफ्तारी, अपने व परिजनों पर खतरा के संबंध मे एसएसपी को अवगत कराया.
स्व. नीरज सिंह की पत्नी अपनी भाभी पूर्णिमा सिंह व मौसेरे भाई हर्ष सिंह की सुरक्षा की मांग की. एसएसपी ने समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. एकलव्य ने कहा कि उनके भाई नीरज सिंह वर्ष 2014 से ही बॉडीगार्ड मांग रहे थे. पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. अभी पुलिस ने भइया के हत्यारों को बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया है.
आउटसोर्सिंग में वर्चस्व को हो रहीं हत्याएं : बाबूलाल मरांडी
झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कोयलांचल में आउटसोर्सिंग कंपनियों में वर्चस्व कायम करने के लिए हत्याएं हो रहीं हैं. पिछले दिनों पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या इसका ताजा उदाहरण है. वह सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. श्री मरांडी ने कहा कि सरकार के संरक्षण में आउटसोर्सिंग कंपनियां चल रहीं हैं. आउटसोर्सिंग का एक हिस्सा प्रशासन व सत्ता के लोगों के बीच बंटता है. यह सब सरकार की जानकारी में हो रहा है.
जब तक आउटसोर्स कंपनियों से नेताओं को नहीं हटाया जायेगा, इसी तरह खूनी संघर्ष होता रहेगा. पीड़ित परिवार द्वारा नीरज हत्याकांड की सीबीआइ जांच की मांग पर श्री मरांडी ने कहा कि सीबीआइ जांच होनी चाहिए. हालांकि राज्य सरकार की पुलिस है तो केंद्र की सीबीआइ. राज्य व केंद्र में भाजपा की सरकार है. ऐसे में सीबीआइ जांच कितना सफल होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है. मौके पर डॉ सबा अहमद, ज्ञान रंजन सिन्हा आदि मौजूद थे.
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