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डायबिटिज पर नवीनतम शोधों की दी गयी जानकारी

धनबाद : एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआइ) झारखंड चैप्टर की ओर से डायबिटिज पर हुए नवीनतम शोधों पर कंटीन्यूटिंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमइ) का आयोजन रविवार को होटल कुकुन में किया गया. इसमें राज्य के प्रसिद्ध फिजिशियन शामिल हुए. उद्घाटन आइएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ एके सिंह, डॉ एके विरमानी, एपीआइ झारखंड के चेयरमैन डाॅ […]

धनबाद : एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआइ) झारखंड चैप्टर की ओर से डायबिटिज पर हुए नवीनतम शोधों पर कंटीन्यूटिंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमइ) का आयोजन रविवार को होटल कुकुन में किया गया. इसमें राज्य के प्रसिद्ध फिजिशियन शामिल हुए.

उद्घाटन आइएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ एके सिंह, डॉ एके विरमानी, एपीआइ झारखंड के चेयरमैन डाॅ एनके सिंह, डॉ विनय ढानढानिया ने किया. चेयरमैन डाॅ एनके सिंह ने डायबिटिज में सही दवाओं के चयन पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि कुछ नये शोधों के बाद दवाइयों के चयन की पूरी दिशा ही बदल गयी है. 2016 के नये शोधों में कई दवाएं गेम चेंजर के रूप में उभरी हैं. हमें ऐसी दवा देखनी है जो केवल सुगर कंट्रोल ही नहीं करती, बल्कि हार्ट व किडनी को भी सुरक्षित रखती है. नये शोध से अब यह आसान हो गया है.

जो मौजूद थे : सचिव डॉ वीएसवी प्रसाद, साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ वीके पांडेय, डॉ सुनील कुमार सिन्हा, रेलवे सीएमएस डॉ बीके सिंह, डॉ शिशिर शर्मा, डॉ आइएन सिंह, डॉ सरिता कुमारी, डॉ मसीर आलम, डॉ लोकेश जालान, डॉ लीना सिंह, डॉ ऋचा, डॉ गणेश कुमार आदि.
उदघाटन करते डॉ एके सिंह, डॉ एके विरमानी, डॉ एनके सिंह व अन्य.
नये शोधों का परिणाम
एम्पाग्लिफोजिन : यह दवा काफी कारगर सिद्ध हो रही है. यह किडनी में जाकर उस ब्लॉक को बंद कर देती है, जिस ब्लॉक से ग्लूकोज पूरे शरीर के रक्त में जाता है. किडनी से ही ग्लूकोज को यह पेशाब की ओर मोड़ देता है. इससे मरीज का सुगर लेबल सामान्य हो जाता है.
मेटफॉरमिन : यह सुगर की अच्छी दवा तो है ही साथ ही एंटी कैंसर का काम करती है. इस दवा के बाद मरीजों में कैंसर की संभावना कम हो जाती है. एंटी कैंसर के कारण भी इसे दवाओं का किंग माना जाता है.
पायोग्लिटाजोन : इस दवा को केंद्र सरकार ने बैन लगाने की घोषणा की थी. कहना था कि इससे ब्लॉडर कैंसर हो सकता है. लेकिन नये शोधों से पता चलता है कि यह हार्ट की बीमारी को काफी कम कर देता हैं. काफी सस्ती दवा भी है. यह सिरमौर दवा मानी जाती है.
वोगलीबोस : यह दवा भी काफी मददगार है. खाना खाने के बाद ग्लूकोज को यह खून में नहीं जाने देता है. आंत के माध्यम से ग्लूकोज को बाहर कर देता है.
(नोट : दवाएं चिकित्सक की देखरेख में ही लेनी है.)
रक्तचाप में न छोंड़े दवा : डॉ विरमानी
जमशेदपुर से आये डॉ एके विरमानी ने डायबिटिज के साथ उच्च रक्तचाप में सही दवा के चयन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि रक्तचाप की दवाओं को एक दिन भी बंद नहीं करना चाहिए. इससे किडनी फेल्योर, स्ट्रोक, हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है. दवा छोड़ने से लकवा की शिकायत बढ़ती है. एक शोध में देखा गया है कि 34 प्रतिशत हार्ट फेल्योर को हम नियमित दवा से कम कर सकते हैं.
एसपार्ट इंसुलिन अच्छी दवा : डॉ श्रीवास्तव
जमशेदपुर से आये डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव ने इंसुलिन की नयी इजादों से चिकित्सकों को अवगत कराया. कहा कि नये एसपार्ट इंसुलिन द्वारा ज्यादा नेचुरल तरीके से ब्लड सुगर को कंट्रोल करना संभव होगा. यह सुगर लेबल को जरूरत के हिसाब से संतुलित रखता है. वहीं डाॅ विनय कुमार ढानढानिया ने इंसुलिन चिकित्सा में क्या करें, क्या नहीं करें इस विषय पर अपने विचार रखे.

Prabhat Khabar Digital Desk
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