नगर निगम : 1.89 लाख घरों में नहीं है पानी का कनेक्शन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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धनबाद : नगर निगम बोर्ड के गठन को आठ साल हो गये, लेकिन आज तक शहरी क्षेत्र में 1.89 लाख घरों में पाइप लाइन का कनेक्शन नहीं पहुंचा है. 2011 के सर्वे के मुताबिक निगम क्षेत्र में लगभग दो लाख 20 हजार आवास हैं. अब तक मात्र 31 हजार घरों में ही पानी का कनेक्शन […]
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धनबाद : नगर निगम बोर्ड के गठन को आठ साल हो गये, लेकिन आज तक शहरी क्षेत्र में 1.89 लाख घरों में पाइप लाइन का कनेक्शन नहीं पहुंचा है. 2011 के सर्वे के मुताबिक निगम क्षेत्र में लगभग दो लाख 20 हजार आवास हैं. अब तक मात्र 31 हजार घरों में ही पानी का कनेक्शन दिया गया. निगम के वैसे क्षेत्र जहां जलापूर्ति हेतु पाइप लाइन नहीं बिछायी गयी, वहां पाइप लाइन बिछाने के लिए दो साल पहले एनजेएस कंसल्टेंट को मिसिंग लाइन सर्वे का काम सौंपा गया था. लेकिन आज तक एनजेएस ने मिसिंग लाइन संबंधी रिपोर्ट नहीं सौंपी. लिहाजा नगर निगम प्रशासन ने अब पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्र में मिसिंग लाइन की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
निगम क्षेत्र में हजारों कनेक्शन अवैध : निगम क्षेत्र में 31 हजार का सरकारी आंकड़ा है. जबकि निगम क्षेत्र में लाखों कनेक्शन अवैध है. निगम के अधिकारी व पार्षद व प्लंबर की सांठगांठ से सरकार को लाखों का चूना लगाया जा रहा है. ऐसी बात नहीं की निगम के अाला अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है. अवैध कनेक्शन के खिलाफ माह दो माह में अभियान चलाकर खानापूर्ति की जाती है.
- 2.20 लाख आवास और मात्र 31 हजार घरों में पानी कनेक्शन
- दो साल में भी पूरा नहीं हुआ मिसिंग लाइन का काम
- एनजेएस कंसल्टेंट को मिला था वार्ड स्तर पर सर्वे का जिम्मा
- पाइप लाइन नहीं बिछने के कारण लाखों घरों में नहीं पहुंचा मैथन का पानी
- अब पार्षद देंगे अपने-अपने क्षेत्र की मिसिंग लाइन रिपोर्ट
31 हजार में 6.5 हजार कंज्यूमर देते हैं वाटर टैक्स : 31 हजार लोगों के घरों में पानी का कनेक्शन है. इसमें मात्र साढ़े छह हजार कंज्यूमर वाटर शुल्क जमा करते हैं. यह तो सरकारी आंकड़ा है. इसके अलावा अवैध रूप से हजारों कनेक्शन है. कुछ ऐसे कंज्यूमर भी हैं जो लिखित रूप से निगम में कनेक्शन कटवाने का आवेदन दे दिये हैं. वाटर शुल्क नहीं दे रहे हैं लेकिन अपने घर में पानी कनेक्शन नहीं कटवाया है.
जलापूर्ति बाधित, बोतलबंद पानी का बाजार बूम पर : शहर में अव्यवस्थित जलापूर्ति के कारण बोतल बंद पानी का बाजार बूम पर है. शहर के मुहल्ले-मुहल्ले में बोतल बंद पानी का बाजार चल रहा है. धनबाद में बोतलबंद पानी का कारोबार लगभग तीन करोड़ का मासिक कारोबार है. यहां ब्रांडेड कुछ कंपनियों का बॉटलिंग प्लांट है, जिसमें अंबरधारा, एक्वाकूल, एक्वाड्रॉप, सोमिन वाटर, साइन फ्रेस, फिनले, हिमालय, एटूओ, अमृत जल, हाइटेक आदि शामिल है. इसके अलावा सैकड़ों लोकल ब्रांड भी बाजार में है. प्रतिदिन ये कंपनियां लगभग दस लाख रुपये का बोतल बंद पानी बेचती है, जिसमें बड़ा जार, एक लीटर, दो और पांच लीटर व दो सौ एमएल के बोतल शामिल है. बीस लीटर(बड़ा जार) की कीमत 25, 30, 40 रुपये है.
शहर में नौ टैंकर से जलापूर्ति करता है निगम : नगर निगम शहर में नौ टैंकर से जलापूर्ति करता है. प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा नि:शुल्क टैंकर से जलापूर्ति करायी जाती है. धनबाद नगर निगम के पास कुल 18 टैंकर है. शहर में नौ, कतरास, झरिया व सिंदरी में 9 टैंकर से जलापूर्ति की जाती है. कुछ कोलियरी इलाकों में बीसीसीएल के स्थानीय प्रबंधक की ओर से भी टैंकर से जलापूर्ति करायी जाती है.
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