गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवा प्रदान करना हमारा लक्ष्य : जिला जज

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धनबाद : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सिविल कोर्ट धनबाद में डालसा पैनल अधिवक्ताओं के लिए तीन दिवसीय ट्रेनिंग शिविर का उद्घाटन सोमवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चेयरमैन रंजीत कुमार चौधरी ने किया. इस मौके पर न्यायाधीश श्री चौधरी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण […]

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धनबाद : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सिविल कोर्ट धनबाद में डालसा पैनल अधिवक्ताओं के लिए तीन दिवसीय ट्रेनिंग शिविर का उद्घाटन सोमवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के चेयरमैन रंजीत कुमार चौधरी ने किया. इस मौके पर न्यायाधीश श्री चौधरी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवा प्रदान करना हमारा लक्ष्य है और हम इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं. समाज के आखिरी व्यक्ति तक आज प्राधिकार अपनी पहुंच बना चुका है. प्राधिकार के माध्यम से स्वच्छ सुलभ और त्वरित न्याय दिलाया जा रहा है.
वहीं अदालत में मुकदमे को सही ढंग से प्रस्तुत करने और वादकारियों को न्याय दिलाने के लिए हमारे पैनल अधिवक्ताओं के ज्ञान के भंडार को और बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हुई. इसी कारण से डालसा के पैनल अधिवक्ताओं को यह ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चौधरी, प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश अविनाश कुमार दुबे, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह रजिस्ट्रार शशि भूषण शर्मा, वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. तीन सत्रों में आज चले इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ताओं को कानून में आए विभिन्न बदलाव और कानून के मूलभूत सिद्धांतों के विषय में जानकारी दी गयी.
वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम के विषय में बताया. उन्होंने कहा कि साक्ष्य ही वह कसौटी है जिस पर गवाहों को कसकर सच और झूठ का पता लगाया जा सकता है. अगर हम अदालत के समक्ष सर्वोत्तम साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे तो निश्चित हम न्याय दिलाने में कामयाब होगें. वरीय अधिवक्ता अश्विनी बेओत्रा ने मृत्यु कालिक कथन और गैर न्यायिक संस्वकृति के विषय में बताया. उन्होंने कहा कि मरने से पहले कोई व्यक्ति झूठ नहीं बोलता इसी कारण से मृत्यु कालिक कथन को साक्ष्य अधिनियम में ग्राह्य माना गया है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि रंजन ने दिव्यांगता के विषय में अधिवक्ताओं को जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं है. हमें दिव्यांग जनों के प्रति उदार रवैया अपनाना होगा. ऐसे उदाहरण पड़े हैं जिन्होंने दिव्यांग होते भी सफलता की ऊंचाइयों को छुआ है. प्राधिकार के सचिव अविनाश कुमार दुबे ने प्राधिकार के विभिन्न कार्यक्रम और उसके द्वारा दी जानेवाली विभिन्न विधिक सेवाओं के विषय में अधिवक्ताओं को बताया. इस मौके पर रिटेनर अधिवक्ता अजय कुमार भट्ट, सुबोध कुमार, ज्ञानेश्वर गिरी, मिथिलेश मिश्रा, सुमन चटर्जी, जया कुमारी, विद्धोत्तमा बंसल, दीपक साह, नीरज कुमार, जय प्रकाश दसौंधी समेत डालसा के सभी पैनल अधिवक्ता उपस्थित थे.
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