धनबाद : सदर अस्पताल प्रांगण में डेढ़ वर्ष के बाद फिर से चिकित्सकीय सेवा शुरू होने वाली है. गर्भवती माताओं व शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से यहां मातृ-शिशु कल्याण केंद्र खोला जायेगा. यहां नियमित स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे. इस बाबत बुधवार को अधिकारियों की एक टीम ने सदर के ओपीडी भवन का जायजा लिया. यहां पर डॉक्टर्स चेंबर व मरीजों के लिए बैठने के लिए आवश्यक जगह चिह्नित की गयी. संबंधित संवेदक को बुलाकर काम शुरू करने का आदेश दिया गया. स्वास्थ्य विभाग अगले माह नौ सितंबर को इसका उद्घाटन करेगा. ओपीडी सुबह नौ बजे से 12 बजे तक चलेगा. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत केंद्र में कार्यक्रम चलाये जायेंगे.
बच्चों को मिलेगा टीका, गर्भवती की एएनसी जांच : केंद्र में गर्भवती माताओं की प्रसव पूर्व जांच की सुविधा शुरू कराया जायेगी. इस दौरान गर्भवती महिलाओं काे चार बार जांच कराना है. इसमें वजन, रक्त, यूरिन सहित अन्य पैथोलॉजी जांच होगी. प्रसव के लिए पीएमसीएच या दूसरे सरकारी संस्थानों में भेजा जायेगा. महिलाओं की जांच स्त्री रोग व प्रसूति डॉ संजीव कुमार को नामित किया गया है. वहीं टीकाकरण केंद्र भी रहेगा. जहां बच्चों को सभी प्रकार का टीका दिया जायेगा.
12 हजार गर्भवती माताओं, 1.50 लाख बच्चों को फायदा : केंद्र खुलने के बाद शहर की 12 हजार गर्भवती माताओं को फायदा मिलेगा. हर वर्ष लगभग 12 हजार गर्भवती माताओं का प्रसव होता है. वहीं 1.50 लाख बच्चों का टीकाकरण होगा. केंद्र के लिए अतिरिक्त कर्मी भी पदस्थापित किये जा रहे हैं. साथ ही नयी बहाली की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है, यहां से भी कर्मी आने वाले हैं.
सदर अस्पताल फिलहाल निर्माणाधीन है, लेकिन इससे पहले हम केंद्र खोल कर लोगों को सुविधाएं देना चाहते हैं. यहां केंद्र खोलने से शहर की गरीब महिलाओं व बच्चों को राहत मिलेगी. नौ सितंबर को केंद्र का उद्घाटन होगा.
डॉ आशा एक्का, सीएस
