श्रावणी मेला-2023: देवघर में वीआइपी या वीवीआइपी दर्शन पर रोक, मलमास के कारण खास तैयारी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 May 2023 6:30 AM
इस साल मलमास के कारण दो चरणों में श्रावणी मेले का संचालन होगा. पहला चरण 4 से 17 जुलाई तक, 18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास और उसके बाद फिर 17 अगस्त से 31 अगस्त तक श्रावणी मेला का संचालन होगा. जानें देवघर में कैसी चल रही है तैयारी
देवघर,संजीत मंडल: राजकीय श्रावणी मेला-2023 में भी श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आउट ऑफ टर्न, वीआइपी या वीवीआइपी दर्शन पर पूर्णत: रोक रहेगा. पिछले वर्ष की तरह ही श्रावणी मेले के दौरान इसे सख्ती से लागू किया जायेगा. उक्त निर्देश डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने 2023 में आयोजित होने वाले श्रावणी मेले की समीक्षात्मक बैठक में दिया. उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को निर्देश दिया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र में ओपी वाइज किये जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग करें और मेले से पहले सभी सुविधाएं दुरुस्त हो जायें, सुनिश्चित करें. डीसी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि मेले के दौरान बाहर से आने वाले खोआ व अन्य खाद्य पदार्थों पर विशेष रखें और मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें. क्योंकि बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व स्वास्थ्य बेहतर हो, यह हम सबों की जिम्मेवारी है.
बैठक में डीसी ने जानकारी दी कि इस साल मलमास के कारण दो चरणों में श्रावणी मेले का संचालन होगा. पहला चरण 4 से 17 जुलाई तक, 18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास और उसके बाद पुन: 17 अगस्त से 31 अगस्त तक श्रावणी मेला का संचालन होगा. ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष इंतजाम रखें. ताकि बाहर से आने श्रद्धालु सुलभ व सुरक्षित जलार्पण के साथ अच्छी अनुभूति लेकर बाबाधाम से जायें.
उन्होंने समीक्षा के क्रम में पथ निर्माण विभाग, पीआरडी, ऊर्जा विभाग, पीएचइडी, पर्यटन, कला संस्कृति खेल कूद एवं युवा कार्य विभाग, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नगर विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, भवन प्रमंडल एवं पुलिस विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि आपके विभागों द्वारा जो भी कार्य मेला के मद्देनजर किये जा रहे हैं, सभी काम समय पर पूर्ण कर लें. गुणवत्ता का भी खास खयाल रखा जाये.
डीसी ने कहा कि मेला के सफल संचालन के लिए 21 ओपी में मेला क्षेत्र को बांटा गया है. इन ओपी क्षेत्र में मेला व्यवस्था के कार्यों जैसे पंडाल, पथ निर्माण, पथ प्रकाश, कांवरियों के लिए पेयजल, शौचालय, वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था आदि की अद्यतन स्थिति की जांच कर, सभी कार्य पूर्ण कर लें.
समीक्षा के दौरान डीसी ने मेले के दौरान विधि व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं अपराध नियंत्रण के साथ साथ यातायात की व्यवस्था के लिए पुख्ता तैयारी करें. संपूर्ण मेला क्षेत्र को सीसीटीवी से कनेक्ट करें ताकि मेला क्षेत्र की सभी ओपी की गतिविधियां एक दूसरे से जुड़ी रहे. वरीय प्रभारी दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति अधिकारियों से उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर किए जाने वाले कार्यों, पेयजल, शौचालय, आवासन, स्नानागार, सुरक्षात्मक उपायों, रुट लाइन की व्यवस्था को बेहतर बनायें. डीसी ने दुम्मा से खिजुरिया रूटलाइन, बीएन झा पथ मोड़, शिवगंगा घाट, बाबा मंदिर से फुट ओवरब्रिज तक, क्यू कॉम्प्लेक्स, तिवारी चौक से बीएड कॉलेज व बरमसिया चौक, नंदन पहाड़ से सिंघवा कालीबाड़ी मोड़ तक, शिल्पग्राम मोड़ से सर्किल से नंदन पहाड़ वाटर फिल्टर प्वाइंट, सिंघवा से कुमैठा क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर जरूरी निर्देश दिये. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी टीम भावना से कांवरियों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए काम करें. बैठक में एसपी सुभाष चंद्र जाट ने भी सुरक्षा के लेकर जरूरी सुझाव दिये. उन्होंने पुलिस विभाग की तैयारियों की जानकारी दी.
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बैठक में सभी विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद थे, जिसमें डीएफओ राजकुमार साह, डीडीसी डॉ ताराचंद, नगर आयुक्त शैलेंद्र कुमार लाल, एसी, एनडीसी, डीपीआरओ रवि कुमार, डीटीओ, डीसीएलआर, डीएसओ, सभी कार्यपालक पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, एपीआरओ रोहित विद्यार्थी सहित मेला से जुड़े सभी संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे.
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