माता-पिता का सपना, गुरु की सलाह से देवघर की पलक ने क्रिकेट में बनायी पहचान

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बेलाबगान दुर्गाबाड़ी की पलक कुमारी आज महिला क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है. पलक का चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हुआ है

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अजय यादव, देवघर. बेलाबगान दुर्गाबाड़ी की पलक कुमारी आज महिला क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है. पलक का चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हुआ है, यह टीम श्रीलंका दौरे पर जाने वाली 15 सदस्यीय भारतीय टीम के सदस्य के तौर पर विपक्षी से दो-दो हाथ करेगी. बीसीसीआई की ओर से टीम की कमान भाविका अहिरे को सौंपी गयी है. पलक, वर्तमान में वह झारखंड अंडर-19 टीम की हिस्सा है. पलक ने क्रिकेट का ककहरा देवघर से ही सीखा. उसकी सफलता के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ परिवार और मार्गदर्शकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. पलक की मां संगीता भगत वर्तमान में रांची में एएसआइ के पद पर कार्यरत हैं. इससे पूर्व वह देवघर ट्रैफिक पुलिस में अपनी सेवाएं दे चुकी है. वहीं, पलक के पिता दिवंगत भारत कुमार ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े थे. पलक की शुरुआती पढ़ाई बचपन प्ले स्कूल और इसके बाद पहली से तीसरी कक्षा तक डीएवी पब्लिक स्कूल, सातर, भंडारकोला में हुई. इसी दौरान उनकी मां का तबादला रांची हो गया और पलक भी वहां चली गयीं. बचपन में उनकी प्रतिभा को देखते हुए एक मार्गदर्शन ने पिता ॉभारत कुमार को सलाह दी कि महिला क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है. इसलिए रांची में बेहतर अवसर मिलने के कारण पलक को वहां प्रशिक्षण दिलाया जाये. परिवार ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और पलक को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दिया. पलक की कहानी बताती है कि प्रतिभा को सही दिशा, परिवार का भरोसा और निरंतर परिश्रम मिले, तो छोटे शहरों की बेटियां भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं.

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