कुष्ठ की जांच में झारखंड के 80 लैब तकनीशियन होंगे दक्ष
देवघर एम्स में प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हैं एम्स डायरेक्टर डॉक्टर प्रोफेसर गैंग व अन्य. प्रशिक्षण में मंच पर मौजूद एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गंगाने, डीन (एकेडमिक) प्रो. (डॉ.) हरमिंदर सिंह, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रत्नेश कुमार, देवघर के सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा और जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता. | Prabhat Khabar Network
एम्स देवघर में कुष्ठ रोग की पहचान और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) निगरानी के लिए लैब तकनीशियनों का विशेष प्रशिक्षण शुरू हो गया है. झारखंड के विभिन्न जिलों से 40 से अधिक तकनीशियन इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य उनकी दक्षता बढ़ाना है.
एम्स देवघर में एसएसएस व एएमआर निगरानी का प्रशिक्षण शुरू, पहले चरण में 40 से अधिक तकनीशियन शामिल
देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट
देवघर : कुष्ठ रोग की पहचान और उसकी प्रयोगशाला आधारित निगरानी को अब झारखंड में और मजबूत किया जाएगा. इसी दिशा में एम्स देवघर में एसएसएस और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) निगरानी को लेकर लैब तकनीशियनों का विशेष प्रशिक्षण शुरू हुआ है. शुक्रवार को एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम गंगने, डीन (एकेडमिक) प्रो (डॉ.) हरमिंदर सिंह, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ रत्नेश कुमार, देवघर के सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा और जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता की मौजूदगी में दो दिवसीय फेज-1 प्रशिक्षण शुरू हुआ. एम्स देवघर और राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी), देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण 19 सितंबर तक चलेगा. पहले चरण में झारखंड के विभिन्न जिलों से 40 से अधिक लैब तकनीशियन हिस्सा ले रहे हैं.

नमूना संग्रह से माइक्रोस्कोपिक जांच तक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान स्लिट स्किन स्मीयर (एसएसएस) के माध्यम से कुष्ठ रोग की जांच की पूरी प्रक्रिया समझायी जा रही है. प्रतिभागियों को नमूना संग्रह, स्लाइड तैयार करने, स्टेनिंग, माइक्रोस्कोपिक परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही एएमआर निगरानी से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी जा रही है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के फैकल्टी और रेजिडेंट्स ने विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया.

त्वचा रोग विभाग ने कराया क्लिनिकल सैंपल कलेक्शन
क्लिनिकल सैंपल कलेक्शन का सत्र डॉ. गजल अहमद, एसोसिएट प्रोफेसर एवं फैकल्टी-इन-चार्ज, डर्मेटोलॉजी, वेनेरियोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी विभाग ने लिया. इसमें सीनियर रेजिडेंट डॉ. कुमारी रितु ने सहयोग किया. प्रशिक्षण का उद्देश्य लैब तकनीशियनों की तकनीकी दक्षता बढ़ाकर कुष्ठ की समय पर पहचान और एएमआर की निगरानी को मजबूत करना है.

एनएलईपी झारखंड के अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला कुष्ठ सलाहकार डॉ. राजेश वर्मा और एनएलईपी झारखंड, रांची के बजट, वित्त-सह-प्रशासनिक पदाधिकारी रंजीत रंजन पाठक भी मौजूद रहे. अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण से कुष्ठ रोग की प्रयोगशाला आधारित जांच और एएमआर निगरानी की तकनीकी क्षमता मजबूत होगी.
25-26 सितंबर को दूसरा चरण
प्रशिक्षण का दूसरा चरण 25 और 26 सितंबर को आयोजित होगा. इसमें विभिन्न जिलों से 40 और लैब तकनीशियन शामिल होंगे. दोनों चरणों को मिलाकर करीब 80 लैब तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया जाएगा.
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