गुरुजी का जाना राजनीतिक शून्यता : पूर्व स्पीकर
Author Mithilesh sinha
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गुरुजी ने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी न्याय और जनसेवा के लिए किया समर्पित
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सारठ. गुरुजी का जाना झारखंड के इतिहास में सबसे बड़ी त्रासदी है. यह बातें पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता ने कही. भोक्ता ने गहरा शोक प्रगट करते हुए कहा कि झारखंड राज्य के निर्माता, प्रणेता आंदोलनकारी गुरुजी नहीं रहे. झारखंड में आंदोलन के माध्यम से राज्य के गरीबों, शोषितों व आदिवासियों के हितों की रक्षा की. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जाना राजनीतिक के एक युग का अंत है. कहा कि उनके निधन से राजनीति में एक शून्यता आई है, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकता.
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