आजादी के दशकों बाद भी एक अदद सड़क को तरस रहे हैं बाबूडीह गांव के ग्रामीण

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आजादी के दशकों बाद भी एक अदद सड़क को तरस रहे हैं बाबूडीह गांव के ग्रामीण

देवीपुर के 600 आबादी वाले गांव के ग्रामीणों के लिए कच्चा रास्ते ही सहारा

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देवीपुर. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत झूमरबाद पंचायत के बाबूडीह गांव में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. जानकारी के अनुसार आजादी के बाद से आज तक इस गांव में जाने के लिए सड़क नहीं बन पायी है. यहां के ग्रामीण दूसरों की जमीन से होकर कच्चे रास्ते के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में इस रास्ते पर पैदल चलना भी काफी मुश्किल हो जाता है. कई बार बीमार व्यक्ति को खटिया में टांग कर लगभग दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा, जिसके बाद उसे इलाज के लिए देवघर भेजा गया. ग्रामीणों का कहना है कि जब जमीन मालिक अपनी जमीन में फसल लगा देते हैं, तब गांव आने-जाने में और अधिक परेशानी होती है. ग्रामीण मनोज ठाकुर, चंदन ठाकुर, उपेंद्र ठाकुर, अजीत ठाकुर, देवीलाल टुडू, पानेश्वर टुडू, नरेश मरांडी, हीरो पूजहर, कारू पूजहर, बास्की सिंह समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि गांव आने के लिए नक्शे में कोई सरकारी रास्ता दर्ज नहीं है. इसे लेकर कई बार सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से गुहार लगायी गयी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है. ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद से कई चुनाव हुए. सांसद, विधायक और जिलाधिकारी बदलते रहे, लेकिन गांव की समस्या जस की तस बनी हुई है.

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Sivandan Barwal

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