सारठ. प्रखंड क्षेत्र के सबैजोर गांव में सारठ के प्रथम विधायक जानकी प्रसाद सिंह की 45वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. क्षेत्र के गणमान्य और अन्य लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण किया. ग्रामीणों व परिजनों ने बताया कि उनका कार्यकाल 1952 से 1957 तक रहा. कांग्रेस का विधायक बनने से पहले दुमका जिले में कांग्रेस पार्टी के महामंत्री थे. परिजनों ने बताया कि वह क्रांतिकारी थे, जिन्होंने देश की आजादी में अहम भूमिका निभायी. 17 अगस्त 1942 को अंग्रेजों के राज में सारठ थाना में तिरंगा फहराने में अहम भूमिका निभायी. कार्यक्रम में लोगों ने उनकी सादगी को याद करते हुए उनसे जुड़े कई प्रसंगों के बारे में बताया.
ग्रामीण सहजानंद सिंह, जितेंद्र सिंह, अंबिका सिंह, हरेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, नित्यानंद सिंह, शैलेश सिंह, मनोज सिंह, श्यामानंद आनंद, मुखिया प्रतिनिधि सुधीर सिंह उर्फ चाडो सिंह समेत कई ग्रामीणों ने जानकी प्रसाद सिंह की याद में गांव में स्मारक के साथ ही मुख्य रोड का नामकरण उनके नाम पर करने की मांग की. गौरतलब है कि विधायक चुन्ना सिंह ने पिछले साल ही प्रतिमा के साथ पथ का नाम जानकी सिंह पथ करने की घोषणा की थी. मौके पर विधायक से इस संबंध में पूछने पर कहा कि घोषणा उन्हें याद है. कुछ कागजी औपचारिकता पूरी होने के बाद जल्द ही एनएच-114 से सबैजोर गांव जाने वाला मुख्य पथ का नामकरण उनके नाम पर होगा, साथ ही आदमकद प्रतिमा भी लगायी जायेगी. वहीं कहा कि सारठ क्षेत्र में जितने भी स्वतंत्रता सेनानी थे. सभी के नाम पर उनके गांव में ही उनसे जुड़े इतिहास को संजोने का काम करने की पहल कर रहे है.हाइलाइट्स
॰ग्रामीणों ने विधायक चुन्ना सिंह से स्मारक बनाने की मांग दोहरायी ॰जानकी प्रसाद सिंह के नाम पर सड़क के नामकरण की भी है मांग॰सारठ विधानसभा क्षेत्र के प्रथम विधायक जानकी प्रसाद सिंह की पहचान क्रांतिकारी के रूप में भी थी
॰जानकी प्रसाद सिंह की 45वीं पुण्यतिथि पर उनकी तस्वीर पर किया गया माल्यार्पणडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

