ePaper

झारखंड : पत्थर और कोयला समेत कई व्यवसाय करते हैं मंत्री आलमगीर आलम, आज ईडी करेगी रिमांड की मांग

Updated at : 16 May 2024 11:10 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड : पत्थर और कोयला समेत कई व्यवसाय  करते हैं मंत्री आलमगीर आलम, आज ईडी करेगी रिमांड की मांग

मंत्री आलमगीर आलम

मंत्री आलमगीर आलम पहली बार 1995 में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े. लेकिन उस चुनाव में हार गये. इसके बाद 2000 में चुनाव जीते और राजनीति में सफर आगे बढ़ा.

विज्ञापन

देवघर: झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को कल शाम ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद आज उनकी पीएमएल कोर्ट में पेशी है. जहां प्रर्वतन निदेशालय आदालत से रिमांड की मांग करेगा. बता दें कि आलमगीर आलम का जन्म बरहरवा प्रखंड के इस्लामपुर गांव के जमींदार परिवार में सनाउल्लाह आलम उर्फ सानू बाबू के घर में हुआ था. वह पांच भाइयों में से दूसरे नंबर पर हैं. आलमगीर को उनके पिता से 55 बीघा जमीन हिस्से के रूप में मिली थी. लगभग पांच बीघा जमीन बेच कर बरहरवा पहाड़ी बाबा चौक मस्जिद के समीप एक घर में एलाइड ट्रेडर्स नाम की दुकान खोली. उक्त दुकान में पंपिंग सेट मशीन, जेनरेटर के अलावा स्पेयर्स पार्ट्स का व्यवसाय शुरू किया. वर्षों दुकान चलाने के बाद लगभग 1978 में सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत गये. कई वर्ष सरपंच रहने के बाद 1995 में कांग्रेस में आये. कांग्रेस ने इनको टिकट भी दिया, लेकिन पहला चुनाव हार गये. इसके बाद 2000 में चुनाव जीते और राजनीति में सफर आगे बढ़ा. मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष जैसे पद तक पहुंचे.

समधी सांसद हैं :

आलमगीर आलम की एक बेटी की शादी 2014 में पश्चिम बंगाल के धुलियान में हुई है. उनके समधि खलीलुर्रहमान जंगीपुर क्षेत्र से सांसद हैं. खलीलुर्रहमान का धुलियान में एक नर्सिंग होम भी है. इसका नाम डीडीएच है. चर्चा इस बात की भी है कि आलमगीर आलम ने कुछ पैसे इस नर्सिंग होम में लगाये हैं. आलमगीर के बेटे तनवीर आलम की शादी पश्चिम बंगाल के बहरामपुर स्थित भावता गांव में हुई है. तनवीर की ससुराल के लोग हार्डवेयर के धंधे से जुड़े हैं.

पेट्रोल पंप में भी लगा है आलमगीर के पैसे

बताया जाता है कि बरहरवा के मुगल पाड़ा के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप में भी आलमगीर के पैसे लगे हैं. पश्चिम बंगाल के वर्दमान में राइस मिल भी है. इनकी पूंजी पत्थर कारोबार में भी लगी हुई है. पत्थर व्यापारी आलम ब्रदर्स के महताब आलम के साथ भी इनका कारोबार संयुक्त रूप से चलता है. बताया जाता है कि पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा स्थित कोल माइंस से भी रोजाना 10 से 15 ट्रक कोयले की सप्लाई भी उनके बेटे तनवीर आलम की देख-रेख में होती है.

Also Read: आलमगीर की गिरफ्तारी : 10 हजार की कमीशनखोरी से शुरू हुई जांच 40 करोड़ की बरामदगी तक पहुंची

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola