18.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

प्रवचन:::: ज्ञान व भक्तियोग एक ही लक्ष्य तक पहुंंचाते हैं

वास्तव में देखा जाये तो ज्ञान तथा भक्तियोग एक ही अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाते हैं. इस अंतर्सूत्र की जानकारी न होने से दोनों भिन्न लगते हैं. भक्ति को परिपक्व करने तथा ज्ञानयोग को पूर्ण विकसित, संतुलित व तीव्र बनाने के लिए निष्काम कर्मयोग अथवा राजयोग आवश्यक है. इसी द्वैतवाद के अंतर्गत विभिन्न साधना प्रणालियों का […]

वास्तव में देखा जाये तो ज्ञान तथा भक्तियोग एक ही अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाते हैं. इस अंतर्सूत्र की जानकारी न होने से दोनों भिन्न लगते हैं. भक्ति को परिपक्व करने तथा ज्ञानयोग को पूर्ण विकसित, संतुलित व तीव्र बनाने के लिए निष्काम कर्मयोग अथवा राजयोग आवश्यक है. इसी द्वैतवाद के अंतर्गत विभिन्न साधना प्रणालियों का अविष्कार हुआ जिनमें राजयोग व अष्टांग योग भी एक स्वतंत्र, सरल व संतुलित आध्यात्मिक साधना के मार्ग हैं. यह ईश्वर साक्षात्कार का सीधा मार्ग है. अष्टांग योग के प्रवर्तक महर्षि पतंजलि ने इसे आठ सोपानों में विभक्त किया है- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान तथा समाधि. इस पथ के पथिक के लिए उच्च स्तर की मानसिक स्थिरता तथा पवित्रता आवश्यक है परंतु आजकल बहुत कम लोग इसका सही-सही अनुशीलन कर पाते हैं.

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel