देवघर : बालू के अभाव में एम्स बिल्डिंग का निर्माण कार्य रुका

Updated at : 03 Oct 2019 6:55 AM (IST)
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देवघर : बालू के अभाव में एम्स बिल्डिंग का निर्माण कार्य रुका

घाटों की नीलामी नहीं होने से हुई किल्लत, एजेंसी ने खनन विभाग से मांगा एक लाख टन बालू देवघर : नदियों से बालू खनन पर एनजीटी से रोक व देवघर में बालू घाटों की नीलामी नहीं होने से देवघर एम्स का काम बंद हो गया है. राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम के अधीन देवघर एम्स का […]

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घाटों की नीलामी नहीं होने से हुई किल्लत, एजेंसी ने खनन विभाग से मांगा एक लाख टन बालू
देवघर : नदियों से बालू खनन पर एनजीटी से रोक व देवघर में बालू घाटों की नीलामी नहीं होने से देवघर एम्स का काम बंद हो गया है. राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम के अधीन देवघर एम्स का निर्माण कर रही कंपनी एनकेजी ने खनन विभाग से बालू उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है.
कंपनी के अनुसार, एम्स निर्माण में एक लाख टन बालू की आवश्यकता है. अगर बालू उपलब्ध नहीं कराया गया, ताे निर्माण कार्य समय पर नहीं हो पायेगा. बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के लिए क्वालिटी कंट्रोल लैब से अजय नदी के बालू के उपयोग की स्वीकृति मिली हुई है.
नींव की खुदाई एक माह पहले ही हो चुकी है
देवघर एम्स में कुल 21 बिल्डिंग का निर्माण होगा. पहले फेज में 11 बिल्डिंग के लिए नींव की खुदाई एक माह पहले ही हो चुकी है, लेकिन बालू के अभाव में नींव में पीलर की ढलाई का काम बंद है. अगर समय पर ढलाई नहीं हुई तो खोदे गये गड्ढे के बेस में तकनीकी असर पड़ सकता है. कंस्ट्रक्शन कंपनी को पिछले दिनाें गोड्डा से स्टॉक मंगवाकर काम शुरू करना पड़ा था, लेकिन अभी बालू के अभाव में काम बंद है.
पीएमओ कर रहा निगरानी
देवघर एम्स के निर्माण की कार्य प्रगति की पीएमओ से निगरानी हो रही है. कार्य की प्रगति रिपोर्ट राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम, दिल्ली के माध्यम से पीएमओ समेत रांची में मुख्य सचिव द्वारा मांगी जा रही है. पिछले दिनों राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम के जीएम भी एम्स के निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे व बालू की अनुपलब्धता देखते हुए जिला खनन पदाधिकारी को पत्राचार करने का निर्देश दिया था.
बालू उठाव में होगी देरी
नदियों से बालू खनन पर एनजीटी की रोक 15 अक्तूबर के बाद हट जायेगी. इसके बावजूद देवघर में बालू घाटों की नीलामी नहीं होने की वजह से तुरंत बालू का उठाव नदियों से नहीं हो पायेगा. राज्य में जेएसएमडीसी के माध्यम से बालू घाटों की नीलामी होनी है. ऐसी परिस्थिति में बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया में 15 दिन से एक माह तक लगने की संभावना है.
एम्स बिल्डिंग के निर्माण में करीब एक लाख टन बालू की जरूरत है. अजय नदी के बालू की क्वालिटी अच्छी होने की वजह से इसके प्रयोग की अनुशंसा हुई है. बालू के अभाव में पहले फेज में एम्स के 11 बिल्डिंग के नींव की खुदाई होने के बाद इसकी ढलाई का काम बंद हो गया है.
आरएल झा, एडमिन हेड, एनकेजी, दिल्ली
एनकेजी कंपनी ने एम्स निर्माण के लिए बालू की आवश्यकता बतायी है. लेकिन एनजीटी से 15 अक्तूबर तक बालू के खनन पर रोक है. रोक हटने के बाद जेएसएमडीसी बालू घाटों की बंदोबस्ती करेगी. 15 अक्तूबर के बाद ही बालू एम्स को उपलब्ध कराया जा सकता है. राजेश कुमार, डीएमओ, देवघर
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