यह राशि अदा नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी. भरी अदालत में यह फैसला सुनाया गया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक ब्रह्मदेव पांडेय ने 12 गवाहों की कोर्ट में गवाही कराया व दोष सिद्ध करने में सफल हुए. बचाव पक्ष से अधिवक्ता फणिभूषण पांडेय व गोपल शर्मा ने पक्ष रखा.
यह मुकदमा चौकीदार बालकिशुन पासवान के बयान पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज हुआ था, लेकिन अनुसंधान के क्रम में आरोपितों का नाम इस घटना से जुड़ा व ट्रायल हुअा. कोर्ट ने मृतक की पत्नी को 50 हजार रुपये विक्टिम कंपनसेशन के तौर पर डालसा के माध्यम से देने का भी आदेश दिया.

